Breaking Newsएनसीआरग्रेटर नोएडाप्राधिकरणयमुना प्राधिकरण

यीडा की आवासीय भूखंड योजना को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 973 प्लॉट के लिए 38 हजार से ज्यादा आवेदन

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की नई आवासीय भूखंड योजना ने रियल एस्टेट बाजार में हलचल पैदा कर दी है। 6 अप्रैल को लॉन्च हुई इस योजना के प्रति जनता का उत्साह इस कदर है कि अब तक 38,000 से अधिक लोग अपना पंजीकरण करा चुके हैं। खास बात यह है कि उपलब्ध भूखंडों की संख्या के मुकाबले दस गुना से भी ज्यादा आवेदकों ने 10 प्रतिशत पंजीकरण राशि जमा कर अपना दावा पेश कर दिया है। जानकारों का मानना है कि योजना की अंतिम तिथि तक आवेदनों का यह आंकड़ा एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।

भूखंडों का विवरण और रणनीतिक स्थान

प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत कुल 973 भूखंडों को शामिल किया है। ये सभी भूखंड सेक्टर 18, 24 और 15सी जैसे विकसित होते क्षेत्रों में स्थित हैं। योजना में छोटे से लेकर मध्यम आकार के भूखंडों का विकल्प दिया गया है, जिसमें 120 वर्गमीटर (अनुमानित) से लेकर 290 वर्गमीटर तक के प्लॉट उपलब्ध हैं।

मांग में सबसे आगे 162 और 200 वर्गमीटर की श्रेणियाँ

वर्तमान रुझानों को देखें तो सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा 162 वर्गमीटर और 200 वर्गमीटर की श्रेणियों में देखने को मिल रही है। इन दोनों वर्गों में भूखंडों की संख्या अधिक होने के कारण निवेशकों और घर बनाने की चाह रखने वालों की पहली पसंद यही बनी हुई है। आवेदन की प्रक्रिया 6 मई को समाप्त होगी, जिसके बाद 18 जून को लॉटरी के माध्यम से भाग्यशाली विजेताओं का चयन किया जाएगा।

नई दरों के बावजूद कम नहीं हुआ आकर्षण

यद्यपि प्राधिकरण ने 1 अप्रैल से अपनी आवंटन दरों में संशोधन किया है, जिससे अब दरें 35,000 रुपये से बढ़कर 36,260 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई हैं, लेकिन इसके बावजूद आवेदकों की संख्या में कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई है। इसका मुख्य कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तुलना में यीडा की आवंटन नीति है। जहाँ पड़ोसी प्राधिकरणों में नीलामी (Auction) प्रक्रिया के कारण कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाती हैं, वहीं यीडा में ‘ड्रॉ ऑफ लॉट्स’ (लॉटरी) प्रणाली लागू है, जो मध्यम वर्ग के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है।

प्राधिकरण के राजस्व में भारी वृद्धि की उम्मीद

इस योजना से न केवल आम जनता को आशियाना मिलेगा, बल्कि यीडा के खजाने में भी भारी राजस्व आने की उम्मीद है। 600 रुपये के आवेदन फॉर्म शुल्क और जमा की गई 10 प्रतिशत पंजीकरण राशि पर मिलने वाला ब्याज प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा। चालू वित्त वर्ष के लिए स्वीकृत 11,000 करोड़ रुपये के बजट लक्ष्य को प्राप्त करने में इस भूखंड योजना की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।

आंकड़ों के आईने में योजना की स्थिति

पंजीकरण के रुझान और आवश्यक पंजीकरण राशि का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है:

  • 162 वर्गमीटर: पंजीकरण राशि लगभग 5,87,412 रुपये

  • 183 वर्गमीटर: पंजीकरण राशि लगभग 6,63,558 रुपये

  • 184 वर्गमीटर: पंजीकरण राशि लगभग 6,67,184 रुपये

  • 200 वर्गमीटर: पंजीकरण राशि लगभग 7,25,200 रुपये

  • 223 वर्गमीटर: पंजीकरण राशि लगभग 8,08,598 रुपये

  • 290 वर्गमीटर: पंजीकरण राशि लगभग 10,51,540 रुपये

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button