“Union Cabinet of India से नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन विस्तार को हरी झंडी”

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन विस्तार को मंजूरी दी।
- बोटैनिकल गार्डन से नोएडा सेक्टर-142 तक 11.6 किमी विस्तार।
- परियोजना से दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शहरी परिवहन को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार को मंजूरी दे दी है। यह विस्तार Noida Metro Rail Corporation Limited द्वारा लागू किया जाएगा।
इस परियोजना के तहत एक्वा लाइन को बोटैनिकल गार्डन से नोएडा सेक्टर-142 तक बढ़ाया जाएगा। लगभग 11.6 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में आठ नए एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में आवाजाही आसान होगी।
इंटरचेंज हब के रूप में बनेगा बोटैनिकल गार्डन स्टेशन
सबसे अहम बात यह है कि बोटैनिकल गार्डन स्टेशन एक प्रमुख इंटरचेंज हब के रूप में विकसित होगा, जहां से यात्रियों को Delhi Metro Rail Corporation की ब्लू और मैजेंटा लाइन से सीधा कनेक्शन मिलेगा। इससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा और भी सुगम हो जाएगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,254 करोड़ रुपये है और इसे चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का कुल मेट्रो नेटवर्क 61 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा।
सीएम ने मेट्रो पेज-V(ए) को दी थी मंजूरी
इससे पहले 11 फरवरी को दिल्ली सरकार ने भी राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मेट्रो फेज-V(A) को मंजूरी दी गई।
इस परियोजना के तहत 16 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें 13 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। पूरी योजना की लागत 12,014.91 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें दिल्ली सरकार का हिस्सा 2,940.46 करोड़ रुपये होगा। इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह परियोजना उनकी “7-C विजन”—कॉमन, कनेक्टेड, कन्वीनिएंट, कंजेशन-फ्री, चार्ज्ड, क्लीन और कटिंग-एज मोबिलिटी, को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा, निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
आईटी हब और मॉल को मिलेगा सीधा फायदा
यह मेट्रो कॉरिडोर शहर के प्रमुख कमर्शियल और आईटी हब को जोड़ेगा। सेक्टर-142 का एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल और सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा जैसे बड़े कॉमर्शियल सेंटर इससे सीधे जुड़ेंगे।
साथ ही, माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, इंफोसिस, कॉग्निजेंट और एडोबी जैसी बड़ी कंपनियों के ऑफिस तक पहुंच आसान होगी। शिक्षा क्षेत्र में एमिटी यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
मेट्रो के इस विस्तार से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा और सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगी और पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जीवन स्तर में होगा सुधार
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से आम लोगों के लिए आवागमन आसान होगा। इससे रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।



