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रूसी सेना का विमान नोएडा एयरपोर्ट पर उतरा, ब्रिक्स समिट के लिए भारत आ रहे पुतिन, दौरे से पहले बढ़ी हलचल

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रूस का एक IL-76 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान पहुंचने के बाद सुरक्षा और एविएशन से जुड़ी हलचल तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि विमान में रूसी एडवांस टीम सवार थी. नॉर्मल इंटरनेशनल फ्लाइट सर्विसेज अभी शुरू नहीं होने के बावजूद सैन्य परिवहन विमान की लैंडिंग को बेहद अहम माना जा रहा है.

इस अपडेट को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के संभावित भारत दौरे और दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर ये कंफर्म नहीं हुआ है कि पुतिन का विमान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही उतरेगा.

एडवांस टीम क्यों पहुंची?

किसी राष्ट्राध्यक्ष या दूसरे बड़े विदेशी वीवीआईपी गेस्ट के दौरे से पहले उससे जुड़े देश की एडवांस टीम कई अहम इंतेजाम का जायजा लेती है. इसमें एयरपोर्ट की सिक्योरिटी, फ्लाइट की पार्किंग, ग्राउंड हैंडलिंग, कम्यूनिकेशन सिस्टम और वीवीआईपी के विजिट से जुड़ी तैयारियां शामिल होती हैं.

ऐसे में रशियन IL-76 का यहां पहुंचना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ये रेगुलर पैसेंजर फ्लाइट नहीं है. माना जा रहा है कि रूस की टीम एयरपोर्ट के इंत और संभावित वीवीआईपी ऑपरेशन के लिए जरूरी फैसिलिटीज का इंस्पेक्शन कर सकती है.

BRICS से कनेक्शन की चर्चा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अभी अपने शेड्युल्ड इंटरनेशनल पैसेंजर ऑपरेशंस के पूरी तरह शुरू होने का इंतजार कर रहा है. ऐसे वक्त में रूस के सैन्य परिवहन विमान की मौजूदगी ने BRICS समिट से जुड़ी तैयारियों की अटकलों को बढ़ा दिया है. सूत्रों के मुताबिक इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सीनियर डेलिगेट्स के विमानों के संभावित संचालन को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट की तैयारियों का आकलन किया जा रहा है. हालांकि इन दावों का ऑफिशियल कंफर्मेशन अभी बाकी है.

क्या पुतिन का विमान भी यहां आएगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विजिट के लिए नोएडा एयरपोर्ट को तैयार किया जा रहा है. सूत्रों के हवाले से ऐसी संभावना जताई जा रही है कि पुतिन का विमान यहां उतर सकता है. रूस के करीबी देशों के टॉप लीडर्स के विमानों को लेकर भी संभावनाएं सामने आ रही हैं. फिलहाल रशियन IL-76 की लैंडिंग को BRICS से पहले की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. अगर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के विमानों का संचालन यहां होता है, तो ये नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एक अहम मौका होगा.

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