अफवाह पर सख्त ऐक्शन लें, कांवड़ यात्रा को लेकर योगी ने कमिश्नर-डीएम को दिए कई निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी कांवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबंधन को लेकर शासन स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, स्वच्छता, यातायात, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।
मेरठ मॉडल पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह ने तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मेरठ मंडलायुक्त और एडीजी जोन मेरठ ने कांवड़ यात्रा प्रबंधन का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेरठ जोन की कार्ययोजना को प्रदेश के सभी पुलिस जोनों के साथ साझा किया जाए, ताकि पूरे उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं एक समान और प्रभावी बनाई जा सकें।
उन्होंने कहा कि अब कांवड़ यात्रा केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि रुहेलखंड, ब्रज, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसलिए सभी जिलों में एक जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
कांवड़ संघों से लगातार संवाद रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों के साथ नियमित संवाद बनाए रखे। शिविर संचालकों का समय से सत्यापन किया जाए और सभी तैयारियों की पहले से समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए।
उन्होंने हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने के भी निर्देश दिए, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
फेक न्यूज पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ-साथ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज का तत्काल खंडन करने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखे ताकि किसी भी भ्रामक सूचना को समय रहते रोका जा सके।
यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल की बेहतर व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां सड़कें खराब हैं, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि जगह-जगह चिकित्सा शिविर लगाए जाएं और एंटी वेनम, एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित सभी आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखी जाए। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं प्रसारित करने के भी निर्देश दिए गए।
मिलावट, ओवररेटिंग और खाद्य सुरक्षा पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग की शिकायत किसी भी स्थिति में नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सभी दुकानों पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने और डीजे की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने को कहा।
बाढ़, VIP मूवमेंट और आपदा प्रबंधन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहले से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखने और घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वीआईपी कार्यक्रमों की पूर्व सूचना स्थानीय प्रशासन के पास रहे, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
भ्रष्टाचार और ओवर बिलिंग पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण, चकबंदी विवादों के निष्पक्ष समाधान और कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायतों पर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत सही पाई जाती है तो तत्काल निलंबन और विजिलेंस जांच कराई जाए।
बिजली विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए और उपभोक्ताओं से केवल वास्तविक बिजली खपत के आधार पर ही बिल लिया जाए।
‘श्रद्धालुओं का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है और इसमें शामिल प्रत्येक श्रद्धालु का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के सभी धार्मिक और राष्ट्रीय पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।



