गोंडा में निषाद पार्टी के जिला प्रचारक की भाला-फरसा से नृशंस हत्या, KGMU में धरने पर बैठे मंत्री संजय निषाद

गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र में बाइक सवार हमलावरों के हमले में गंभीर घायल बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी (45) की गुरुवार को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। आरोपियों पर कार्रवाई और पुलिस के रवैये से नाराज मंत्री समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
देर रात तक धरना-प्रदर्शन जारी रहा। मंत्री ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की। उधर, घटना के दूसरे दिन पुलिस ने तीन आरोपियों शुभम, सुभाष और एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी और चौकी प्रभारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी गई है।
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, रास्ते में घेरा
रेक्सड़िया निवासी विनोद साहनी ग्राम शाहपुर के भग्गन चौराहे पर बर्तन की दुकान करते थे। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार बुधवार रात करीब आठ बजे दुकान बंद कर वह घर लौट रहे थे। दुकान से घर की दूरी करीब एक किलोमीटर है। घर से करीब पांच सौ मीटर पहले एक व्यक्ति की दुकान के पास तीन-चार मोटरसाइकिलों से आए करीब 13 लोगों ने उन्हें रोक लिया और हमला बोल दिया। हमलावरों के पास कांता, भाला और धारदार हथियार होने की बात रिपोर्ट में दर्ज है। परिजनों और ग्रामीणों ने फायरिंग किए जाने की भी बात कही है। हमले में गंभीर रूप से घायल विनोद को पहले परसपुर सीएचसी ले जाया गया। वहां से गोंडा मेडिकल कॉलेज और फिर हालत नाजुक होने पर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया।
गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। नामजद आरोपियों में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह शामिल हैं। थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि विनोद साहन पर क्रूरता से क्यों हमला हुआ, इसकी जांच की जा रही है। दूसरी ओर स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के पीछे एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद की बात कही जा रही है।
पोस्टमार्टम में देरी पर भड़के मंत्री
विनोद की मौत के बाद मंत्री डॉ. संजय निषाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। पोस्टमार्टम में देरी और आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर वह नाराज हो गए। मंत्री समर्थकों ने पोस्टमार्टम हाउस में नारेबाजी शुरू कर दी। शव के पंचनामा समेत अन्य दस्तावेज तैयार करने में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। देर रात तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। जिलाधिकारी से अनुमति लेने की प्रक्रिया के चलते देरी की बात सामने आई।
घर पर कोहराम, परिजन सहमे
विनोद के दो बेटों में बड़े जयदेव की वर्षों पूर्व बम्बई में मौत हो चुकी है। 17 वर्षीय छोटे बेटे राजा, बहन राज लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी और पत्नी ऊषा रो-रोकर बेहाल हैं। देर शाम तक घर पर ढांढस बंधाने वालों का जमावड़ा लगा रहा। घटना को लेकर गांव और आसपास के लोगों में आक्रोश है। सुरक्षा की दृष्टि से घर पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
मामला बढ़ने पर कार्रवाई
बर्तन व्यापारी की हत्या के बाद परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी और चौकी इंचार्ज को देर रात निलंबित कर दिया गया है। एसपी अभिषेक ने खोड़ारे के एसओ कृष्ण गोपाल राय को परसपुर की कमान सौंपी है। महिला दरोगा निशा निषाद को शाहपुर चौकी प्रभारी बनाया है। एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में तीन आरोपियों शुभम, सुभाष और एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल जांच की जा रही है। विनोद की लखनऊ में मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। पहले से दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। इस मामले में थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि विनोद साहन पर क्रूरता से क्यों हमला हुआ, इसकी जांच की जा रही है।



