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1976 में बनी नोएडा अथॉरिटी को 50 साल बाद मिली खुद की बिल्डिंग, जानिए एड्रेस और क्या-क्या हैं सुविधाएं

नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) का गठन वर्ष 1976 में औद्योगिक प्रगति को गति देने के लिए किया गया था। आज अपनी स्थापना के गौरवशाली 50 वर्ष पूरे करने की दहलीज पर खड़ा यह संस्थान अपनी खुद की भव्य इमारत में स्थानांतरित होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 27 जून को एक भव्य समारोह के दौरान इस अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन का विधिवत लोकार्पण करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री शहर के विकास को नई ऊंचाइयां देने वाली कुल 2,478 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे, जिसमें कई महत्वपूर्ण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास शामिल है।

विकास की नई उड़ान: 1,045 करोड़ की परियोजनाओं का उपहार

इस विशेष उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 1,045 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा। इस पूरी लागत में लगभग 478 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से तैयार हुआ नोएडा प्राधिकरण का यह नया मुख्यालय भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने वाला बहुप्रतीक्षित 608 करोड़ रुपये का भंगेल एलिवेटेड रोड भी जनता को समर्पित किया जाएगा। इस समारोह में भावी विकास की नींव रखते हुए 1,434 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाएगा। कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ शनिवार दोपहर 3 बजे नए प्रशासनिक भवन के विशाल ऑडिटोरियम में होगा।

एक दशक की प्रतीक्षा: साल 2016 से अब तक की निर्माण यात्रा

एक्सप्रेसवे के करीब सेक्टर-96 में बनकर तैयार हुआ यह आलीशान भवन नोएडा के प्रशासनिक इतिहास में एक मील का पत्थर है। बहुप्रतीक्षित प्रशासनिक परिसर अब पूरी तरह से क्रियाशील होने के लिए सज-धज कर तैयार है। इस महापरियोजना की नींव वर्ष 2016 में रखी गई थी। हालांकि, विभिन्न बाधाओं के चलते इसके निर्माण में लगातार विलंब होता गया। विशेषकर साल 2020 और 2021 के दौरान आई वैश्विक कोविड-19 महामारी ने इसके काम को बुरी तरह प्रभावित किया, जब देशव्यापी लॉकडाउन और श्रमिकों के पलायन के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया था।

चुनौतियों को मात: बदली गई निर्माण कंपनी और वास्तुकला की रूपरेखा

परियोजना के समय पर पूरा न होने के कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए साल 2022 से ठीक पहले पुरानी निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालना) कर दिया था। इसके बाद शेष बचे काम को गति देने के लिए नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की गईं। वर्ष 2022 में इस परियोजना की कमान ‘एसटी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ को सौंपी गई, जिसने दिन-रात काम करके इस संरचना को अंतिम रूप दिया। समय के साथ भवन के मूल नक्शे और वास्तुकला में भी व्यापक बदलाव किए गए। शुरुआती योजना के तहत यहाँ 18 और 9 मंजिलों के दो ऊंचे टावर बनने थे, लेकिन व्यावहारिक संसोधनों के बाद अब इस परिसर में 4 और 8 मंजिलों के दो भव्य टावर बनाए गए हैं। जल्द ही प्राधिकरण के सभी महत्वपूर्ण विंग यहाँ से काम करना शुरू कर देंगे।

विकेंद्रीकरण का अंत: अब एक ही छत के नीचे सिमटेंगे सभी प्रशासनिक विभाग

वर्तमान में नोएडा प्राधिकरण के विभिन्न विंग और विभाग शहर के अलग-अलग हिस्सों से संचालित हो रहे हैं। मुख्य प्रशासनिक कामकाज सेक्टर-6 से संभाला जाता है, जबकि उद्यान विभाग सेक्टर-39 में कार्यरत है। इसके अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालय सेक्टर-19 और सेक्टर-20 के भवनों में बिखरे हुए हैं। नए भवन के शुरू होने से इन सभी दफ्तरों का एकीकरण हो जाएगा। इस कदम से न केवल विभिन्न विभागों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच आंतरिक तालमेल व समन्वय बेहतर होगा, बल्कि आम जनता को भी अपने अलग-अलग प्रशासनिक कार्यों के लिए शहर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

भविष्य की वास्तुकला: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया कमान केंद्र

सेक्टर-96 में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बिल्कुल समीप स्थित होने के कारण इस नए मुख्यालय की कनेक्टिविटी बेहद शानदार है। शहर के किसी भी कोने से सड़क मार्ग के जरिए यहाँ बेहद आसानी से पहुँचा जा सकता है। लगभग छह एकड़ के विशाल भूभाग पर फैले इस आधुनिक परिसर को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। आगंतुकों और अधिकारियों के वाहनों के लिए इसके बेसमेंट में व्यापक और आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

वर्तमान समय में नोएडा के रिहायशी क्षेत्रों, औद्योगिक हबों और व्यावसायिक केंद्रों का दायरा अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है। नए सेक्टरों की रूपरेखा, एक्सप्रेसवे का जाल और रियल एस्टेट का विस्तार निरंतर जारी है। इन परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र को भी स्मार्ट और त्वरित बनाने की आवश्यकता थी। ऐसे में यह नया हाई-टेक कार्यालय नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और तीव्र बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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