होर्मुज में ऑयल शिप पर हमला, देवरिया के शिवानंद चौरसिया की मौत; 7 महीने पहले कमाने गया था सिंगापुर

देवरिया: ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्टेट ऑफ होर्मुज) में एमटी सेटे बेलो नामक ऑयल टैंकर जहाज पर हुए हमले में देवरिया के शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई। वह सुरौली थाना क्षेत्र के सुरौली गांव के रहने वाले थे और जहाज के इंजन पर फीटर का काम करते थे। घटना की सूचना दुबई में नौकरी कर रहे शिवानंद के छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया ने घर पर फोन करके दी। घटना की सूचना मिलते ही घर पर कोहराम मच गया। बताया जाता है कि ओमान तट के पास हुए इस घातक हमले में जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिसमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है।
ऑयल टैंकर जहाज पर फीटर थे शिवानंद
देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र के सरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया (38) पुत्र रामजी चौरसिया 6 महीने पहले ही मुंबई से सिंगापुर जहाज पर फीटर की नौकरी करने गए थे। वहां उन्हें एमटी सेट बेलो ऑयल टैंकर जहाज पर फीटर की नौकरी मिली थी। उनका जहाज ओमान से ईरान जा रहा था। इसी दौरान होर्मुज स्ट्रेट के पास जहाज पर हमला हो गया। इस घटना में शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई। हमले के दौरान जहाज पर 24 क्रू मेंबर सवार थे। इनमें से 21 लोगों को बचा लिया गया।
घर पर मचा कोहराम
रामप्रवेश की मौत के बाद उनके घर पर कोहराम मचा है। उनकी पत्नी सुशीला ने बताया कि 6 महीने पहले ही वह घर से नौकरी करने मुंबई गए थे। रामप्रवेश की एक बेटी और एक बेटा है। दोनों बच्चे अभी छोटे हैं। बहन सोनी ने बताया कि घर की माली हालत ठीक नहीं है। गुरुवार की सुबह जब छोटे भाई ने इस खबर की सूचना दी, तब से परिवार के सदस्यों की स्थिति पागलों जैसी हो गई है। बुजुर्ग पिता रामजी चौरसिया ने कहा कि अभी तक शव नहीं आया है। शिवानंद के दरवाजे पर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की भीड़ जुटी है। लोग परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं।


