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US मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन की हार के बाद व्हाइट हाउस ने ट्रंप की तस्वीर शेयर कर लिखा, नेवर सरेंडर

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिल रहे झटकों के बीच व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर साझा कर राजनीतिक संदेश दिया है। तस्वीर के साथ लिखा गया- ‘ट्रंप अब भी आपके राष्ट्रपति हैं।’ यह पोस्ट ऐसे समय आई, जब चुनावी अनुमानों में डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। टेक्सास में भी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। वहां तीन बार गवर्नर रह चुके ग्रेग एबॉट चुनाव हार गए हैं। इसके बाद ट्रंप ने अपनी ही पार्टी के नेता पर निशाना साधा और उनकी हार के लिए उनके राजनीतिक रुख को जिम्मेदार ठहराया।

व्हाइट हाउस ने ट्रंप की तस्वीर के साथ क्या संदेश दिया?

व्हाइट हाउस ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर ट्रंप की तस्वीर साझा की। इसके साथ लिखा, ‘सार्वजनिक सूचना : ट्रंप अब भी आपके राष्ट्रपति हैं।’ पोस्ट में आगे कहा गया, ‘इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।’ दरअसल, अमेरिका में तीन नवंबर को मध्यावधि चुनाव हुए। इन चुनावों के जरिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट के सदस्यों का चयन होता है, राष्ट्रपति का नहीं। ट्रंप का राष्ट्रपति पद 2026 के मध्यावधि चुनाव का हिस्सा नहीं है। इसलिए डेमोक्रेट्स की जीत या रिपब्लिकन पार्टी के सदनों में नियंत्रण खोने से राष्ट्रपति नहीं बदलेंगे। व्हाइट हाउस का संदेश इसी बात की ओर इशारा करता है। चुनावी नतीजों के बीच यह पोस्ट ट्रंप प्रशासन की राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखी जा रही है।

टेक्सास में ग्रेग एबॉट की हार पर ट्रंप ने क्या कहा?

टेक्सास में रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा ने हरा दिया। एबॉट तीन बार राज्य के गवर्नर रह चुके थे और चौथे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रहे थे। वह 2015 से इस पद पर थे। उनकी हार के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर उन्हें निशाने पर लिया। ट्रंप ने दावा किया कि अगर एबॉट अपने राजनीतिक जीवन के आखिरी छह महीनों में ‘मागा’ एजेंडे से दूर नहीं गए होते तो उन्हें हार नहीं मिलती। उन्होंने एबॉट को ‘रिनो’ कहा। इसका अर्थ है- रिपब्लिकन पार्टी के नाम पर राजनीति करने वाला, लेकिन पार्टी की मूल विचारधारा पर नहीं चलने वाला व्यक्ति। ट्रंप समर्थक इस शब्द का इस्तेमाल उन नेताओं के लिए करते हैं, जिन्हें वे अपनी नीतियों के प्रति पर्याप्त वफादार नहीं मानते।

जीना हिनोजोसा की जीत ने टेक्सास में कौन-सा इतिहास बनाया?

52 वर्षीय जीना हिनोजोसा टेक्सास की पहली लातिना गवर्नर बनने जा रही हैं। वह 1990 में एन रिचर्ड्स के बाद राज्य की पहली डेमोक्रेटिक गवर्नर भी होंगी। जारी मतगणना के दौरान 67 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने पर हिनोजोसा को 39,94,529 वोट यानी 57.1 प्रतिशत मिले थे। वहीं एबॉट को 29,15,910 वोट यानी 41.7 प्रतिशत मत मिले। हिनोजोसा ऑस्टिन के एक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं और मूल रूप से ब्राउन्सविल की रहने वाली हैं। इस जीत के साथ टेक्सास में तीन दशक से अधिक समय से चले आ रहे रिपब्लिकन दबदबे को चुनौती मिली है। राज्य में डेमोक्रेट्स की यह सफलता इसलिए भी अहम है, क्योंकि लंबे समय से यहां राज्यव्यापी चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी का प्रभाव रहा है।

सीनेट चुनाव में जेम्स तालारिको ने कैसे बनाई बढ़त?

टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट चुनाव में भी सफलता मिली। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स तालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराया। 58 प्रतिशत मतों की गिनती के दौरान तालारिको को 58.1 प्रतिशत और पैक्सटन को 40.4 प्रतिशत वोट मिले थे। 37 वर्षीय तालारिको राज्य के विधायक और पूर्व सरकारी स्कूल शिक्षक हैं। वह प्रेस्बिटेरियन धर्मशास्त्र के विद्यार्थी भी रहे हैं। उनकी जीत के बाद 1993 के बाद पहली बार टेक्सास से कोई डेमोक्रेट अमेरिकी सीनेट पहुंचेगा। इस सीट के लिए रिपब्लिकन पार्टी में कड़ा मुकाबला हुआ था। ट्रंप ने पैक्सटन का समर्थन किया था, जिन्होंने लंबे समय से सीनेटर रहे जॉन कॉर्निन को पार्टी के प्राथमिक चुनाव में हराया था। जीत के बाद तालारिको ने डेविड और गोलियथ की कहानी का जिक्र करते हुए बड़े राजनीतिक दानदाताओं और वाशिंगटन के राजनीतिक तंत्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘हमने टेक्सास को वापस ले लिया है।’

क्या डेमोक्रेट्स अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा करने जा रहे हैं?

तीन नवंबर के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स ने बड़ी बढ़त हासिल की है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क के अनुमानों के मुताबिक, पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में नियंत्रण हासिल कर सकती है। ऐसा होने पर रिपब्लिकन पार्टी का दोनों सदनों पर कब्जा खत्म हो जाएगा। डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज प्रतिनिधि सभा के पहले अश्वेत स्पीकर बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें जनवरी में नई कांग्रेस के गठन के समय जरूरी समर्थन जुटाना होगा। डेमोक्रेट्स के नियंत्रण वाली प्रतिनिधि सभा ट्रंप प्रशासन के कामकाज की जांच कर सकेगी, संसदीय जांच शुरू कर सकेगी और राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे को चुनौती दे सकेगी। इससे ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो साल में सरकार के सामने संसदीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

चुनावी झटकों के बाद ट्रंप ने क्या सफाई दी?

रिपब्लिकन पार्टी को मिल रहे चुनावी झटकों के बीच ट्रंप ने नतीजों से खुद को अलग रखने की कोशिश की। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह खुद चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे। अगर उनका नाम मतपत्र पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीतती। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, ‘मैं मतपत्र पर नहीं था और अगर होता तो हम भारी जीत हासिल करते।’ टेक्सास के अलावा कंसास और आयोवा में भी चुनावी बदलाव सामने आए हैं। सीनेट की अन्य सीटों पर डेमोक्रेट्स की बढ़त और प्रतिनिधि सभा में संभावित नियंत्रण ने अमेरिकी राजनीति के समीकरण बदल दिए हैं। ऐसे में व्हाइट हाउस का ‘ट्रंप अब भी आपके राष्ट्रपति हैं’ संदेश यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस के चुनावी नतीजों के बावजूद राष्ट्रपति पद पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं होने वाला है।

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