
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए दिवाली से पहले राहत भरी खबर है. गौड़ चौक पर बनकर तैयार हो रहे अंडरपास को 5 नवंबर से तीन दिन के ट्रायल के लिए खोला जाएगा. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसकी जानकारी दी है. ट्रायल के दौरान अंडरपास से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था और निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच की जा सके.
दरअसल, गौड़ चौक पर अंडरपास के निर्माण कार्य की वजह से पिछले कई महीनों से लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा था. खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं. अंडरपास निर्माण के चलते रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ गया था और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा था. अब अंडरपास का ट्रायल शुरू होने से स्थानीय निवासियों और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को उम्मीद है कि उन्हें जाम से कुछ राहत मिल सकेगी.
ट्रायल के दौरान दूर की जाएंगी कमियां
प्राधिकरण के मुताबिक, 5 नवंबर से शुरू होने वाला ट्रायल तीन दिन तक चलेगा. इस दौरान अंडरपास से वाहनों का आवागमन कराया जाएगा और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया जाएगा. ट्रायल के दौरान यदि निर्माण या संचालन से जुड़ी कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर किया जाएगा. इसके बाद अंडरपास को नियमित रूप से आम जनता के लिए खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. हालांकि, इसे स्थायी रूप से शुरू करने की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है.
92 करोड़ रुपये की लागत से बना है छह लेन का अंडरपास
गौड़ चौक पर बनाया गया यह अंडरपास करीब 700 मीटर लंबा और छह लेन का है. इसके निर्माण पर लगभग 92 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. परियोजना का निर्माण जुलाई 2024 में शुरू हुआ था. इसके शुरू होने से गौड़ चौक के व्यस्त चौराहे पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है.
नोएडा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक आने-जाने वालों को फायदा
अंडरपास चालू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सूरजपुर, गौर सिटी और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन निवासियों को राहत मिल सकती है, जिन्हें रोजाना इस चौराहे से होकर गुजरना पड़ता है. अब सबकी नजरें तीन दिन के ट्रायल पर हैं. अगर ट्रायल सफल रहता है और यातायात व्यवस्था सुचारू रहती है तो अंडरपास के नियमित संचालन का रास्ता साफ हो सकता है.



