
जमशेदपुर । टाटा स्टील ने खेल जगत को चौंकाते हुए अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी जमशेदपुर फुटबाल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (जेएफएसपीएल) को बेचने का फैसला किया है।
गोवा के दिग्गज क्लब चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब ने इस क्लब को महज 100 रुपये की नाममात्र टोकन राशि पर खरीद लिया है।
इस सौदे के साथ ही टाटा स्टील इंडियन सुपर लीग (आइएसएल) के व्यावसायिक सफर से पूरी तरह अलग हो गई है।
इस डील के तहत जेएफएसपीएल के 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,08,00,000 (चार करोड़ आठ लाख) इक्विटी शेयर सिर्फ 100 रुपये की नाममात्र कीमत पर ट्रांसफर किए गए हैं।
खिलाड़ियों का करियर सुरक्षित रखना प्राथमिकता
इस सौदे का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना है। समझौते के तहत जमशेदपुर एफसी का आइएसएल स्पोर्टिंग लाइसेंस और टीम के 12 प्रमुख खिलाड़ियों के साथ-साथ 2 कोचों के अनुबंध भी चर्चिल ब्रदर्स को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स इन सभी अनुबंधों को संभालेंगे, जिससे खिलाड़ियों व कोचिंग स्टाफ का आइएसएल करियर बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगा।
वित्तीय कारणों से लिया गया निर्णय
इससे पूर्व खिलाड़ियों ने टाटा ग्रुप के शीर्ष नेतृत्व से क्लब बचाने की भावुक अपील भी की थी। टाटा स्टील के कारपोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम ने बताया कि व्यावसायिक स्तर पर आइएसएल का मौजूदा स्वरूप लंबे समय के लिए आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह गया था।
वित्त वर्ष 2025-26 में जेएफएसपीएल का टर्नओवर 32.23 करोड़ रुपये था, जो टाटा स्टील के कुल टर्नओवर का केवल 0.01 प्रतिशत है। वहीं, मार्च 2026 तक इस फुटबाल विंग की कुल नेटवर्थ भी लगभग नकारात्मक 5.8 करोड़ रुपये पर पहुंच चुकी थी।
चर्चिल ब्रदर्स का चार दशक का इतिहास
खरीदार क्लब चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब का भारतीय घरेलू फुटबाल में करीब चालीस वर्षों का शानदार इतिहास रहा है। गोवा के इस प्रतिष्ठित क्लब ने दो बार आई-लीग का खिताब अपने नाम किया है।
अब आइएसएल का स्पोर्टिंग लाइसेंस मिलने से चर्चिल ब्रदर्स सीधे देश की सबसे बड़ी फुटबाल लीग में शिरकत करेगा, जिससे इसके गौरवशाली सफर में एक नया अध्याय जुड़ेगा।


