उत्तर प्रदेशराज्‍य

ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले को यूपी में 6 करोड़ रुपये का इनाम, अन्य को कितना मिलता है? CM योगी ने बताया पूरा आंकड़ा

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि देश का नाम रोशन करने वाले 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को अगले एक महीने के भीतर उत्तर प्रदेश पुलिस सहित विभिन्न सरकारी विभागों में सीधी नौकरी दी जाएगी. प्रदेश में अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जा चुका है.

सीएम योगी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ पदक जीतने पर सम्मान देना ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य को जीवनभर के लिए सुरक्षित करना है. उन्होंने बताया कि खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को उनकी योग्यता और उपलब्धियों के आधार पर उच्च पदों पर नियुक्त किया जा रहा है. खेल विभाग में सहायक निदेशक से लेकर यूपी पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी एसपी) तक के पद खिलाड़ियों को सौंपे गए हैं.

ओलंपिक स्वर्ण विजेता को 6 करोड़ का इनाम

उन्होंने बताया कि स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये दिए जाते हैं. ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी को भी 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है. एशियाड व कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है.

पारंपरिक अखाड़ों और निजी अकादमियों का होगा कायाकल्प

खेल संस्कृति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने निजी खेल अकादमियों और अखाड़ों को सरकारी मदद देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रदेश के पुराने व पारंपरिक अखाड़ों का पंजीकरण कराया जाएगा. अखाड़ों के आधुनिकीकरण, मैट की व्यवस्था, हॉल निर्माण, प्रशिक्षण, कुशल कोच और मैनेजर के मानदेय की पूरी व्यवस्था सरकार करेगी.

गाजीपुर का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि ओलंपिक पदक विजेता ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल जैसी प्रतिभाएं स्थानीय स्तर से निकलकर विश्व पटल पर चमकी हैं. यदि निजी क्षेत्र और समाज आगे आए, तो सरकार संसाधनों की कोई कमी नहीं होने देगी.

जल्द लागू होगी ‘नई युवा नीति’

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जल्द ही ‘नई युवा नीति’ लाने की जानकारी दी. इसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग’ का विस्तार विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों तक किया जाएगा. साथ ही, प्रत्येक जिले में एक एकीकृत ‘एम्प्लॉयमेंट जोन’ विकसित किया जाएगा, जहां एक ही छत के नीचे युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.

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