यूपी ट्रेड शो में छाया 75 जिलों की महिला उद्यमियों का हुनर, पारंपरिक उत्पादों को मिल रहा बड़ा बाजार

कभी शौक से शुरू किया गया काम आज कारोबार बन चुका है। किसी ने कपड़ों पर चित्रकारी को अपनी पहचान बनाया तो किसी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची महिला उद्यमी अपने उत्पादों के साथ कारोबार की नई तस्वीर पेश कर रही हैं।
इन महिलाओं के लिए ट्रेड शो सिर्फ उत्पाद बेचने का मंच नहीं है। यहां वे अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, बिक्री, नए ग्राहकों से संपर्क और बाजार विस्तार पर भी काम कर रही हैं। कई उत्पाद अब स्थानीय बाजार से निकलकर दूसरे राज्यों और विदेशी बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
मेरठ की हरप्रीत ने पीतल की कलाकृतियों को बनाया कारोबार
मेरठ के कंकरखेड़ा की हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के तहत पीतल से बनी कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कहना है कि बड़े मंच पर उत्पादों को प्रदर्शित करने से नए खरीदारों से संपर्क बनाने का मौका मिल रहा है। हरप्रीत के अनुसार उनके उत्पाद अब दूसरे देशों के बाजारों तक भी पहुंच रहे हैं। उनके मुताबिक ट्रेड शो जैसे मंचों से महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने और नए बाजार तलाशने का अवसर मिल रहा है।
चित्रकारी के शौक को कारोबार बनाया, 7 महिलाओं को रोजगार
गाजियाबाद के बजरिया की अंजली ने चित्रकारी के शौक को कारोबार में बदल दिया। अंजली क्रिएशन के जरिए वह कपड़ों पर हाथ से चित्रकारी कर सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर तैयार करती हैं। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने सादे कपड़ों पर चित्रकारी से काम शुरू किया था। अब उनके तैयार उत्पाद 10 हजार रुपए तक की कीमत में बिक रहे हैं। कारोबार बढ़ने के साथ वह सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं।
हैंडमेड कपड़ों से जूट बैग तक, प्रतिभा का कारोबार
गाजियाबाद के वसुंधरा की प्रतिभा त्यागी प्रतिभा डिजाइनर हब के जरिए हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट से बने बैग लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कारोबार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। ट्रेड शो में उन्हें नए ग्राहकों और कारोबारी संपर्क बनाने का अवसर मिल रहा है।
बुलंदशहर में 13 महिलाओं का समूह संभाल रहीं सितारा
बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा बेडशीट लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। वह आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं, जिसमें 13 महिलाएं जुड़ी हैं। सितारा के मुताबिक समूह की महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं। समूह के जरिए महिलाओं को उत्पाद बनाने के साथ अपनी आय का जरिया तैयार करने का अवसर मिला है।
सहारनपुर की सुधा चौथी बार ट्रेड शो में
सहारनपुर के नांगल क्षेत्र की सुधा सैनी विभिन्न हस्तशिल्प उत्पाद लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। वह चलोरी स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं और लगातार चौथी बार नोएडा के इस ट्रेड शो में हिस्सा ले रही हैं। सुधा के मुताबिक ट्रेड शो ने उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर निकालकर बड़े बाजार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने का अवसर दिया है।
उत्पाद बनाने से बाजार तक, महिलाओं की भूमिका बढ़ी
इन महिला उद्यमियों की कहानियों में एक बदलाव साफ दिखाई देता है। महिलाएं अब सिर्फ उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं। वे उत्पादन से लेकर ब्रांडिंग, बिक्री, ग्राहक से बातचीत और बाजार विस्तार तक कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं। वहीं ट्रेड शो जैसे मंच उनके उत्पादों को नए खरीदारों और बाजारों तक पहुंचाने का जरिया बन रहे हैं।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में महिला उद्यमियों की भागीदारी यह भी दिखाती है कि स्थानीय स्तर पर तैयार हो रहे उत्पाद अब सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं। सही बाजार और कारोबारी मंच मिलने पर इन्हें बड़े और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।



