यूपी के इस जिले में धारा 163 लागू, प्रदर्शन पर रोक, 29 अप्रैल को अखिलेश के आने का है कार्यक्रम

गाजीपुर। विश्वकर्मा समाज की नाबालिग लड़की का शव गंगा में मिलने के बाद दुष्कर्म और हत्या के आरोप लगने से तेज हुई राजनीतिक हलचल के बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 29 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव आने की घोषणा से पहले प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। पूरे जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है।
कटरिया गांव में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश समेत धरना-प्रदर्शन, जुलूस और कैंडल मार्च पर 30 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। उधर, बीते 22 अप्रैल को सपा प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच हुए पथराव मामले में पुलिस ने रविवार को छह और आरोपितों को गिरफ्तार किया। अब तक कुल 16 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं।
ऐसे बिगड़ा माहौल
22 अप्रैल को सपा का प्रतिनिधिमंडल किशोरी के स्वजन से मिलने कटरिया गांव पहुंचा था। निर्धारित संख्या से अधिक लगभग 250 कार्यकर्ताओं के पहुंचने और किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाने से माहौल बिगड़ गया और पथराव हो गया। इस घटना में करंडा थानाध्यक्ष संतोष पाठक, शहर कोतवाल महेंद्र सिंह समेत कई घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले में 46 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फेसबुक पर लिखा- गाजीपुर की बेटी कांड’ में उत्पीड़क वर्चस्ववदियों को खुली छूट दी जा रही है। पीडीए समाज के लोगों पर लगातार झूठे मुकदमे किए जा रहे हैं। सरकार से न कोई उम्मीद थी, न है। हमें न्याय पर विश्वास है, हम पीडीए वाले सब पीड़ित मिलकर यह लड़ाई भी लड़ लेंगे और जीतेंगे भी। उधर, कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सक्रिय है।
राहुल और प्रियंका ने सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा शनिवार को इस घटना को शर्मनाक बताते हुए सरकार पर निशाना साधा गया और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी। अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ओबीसी विभाग के चेयरमैन डा. अनिल जयहिंद के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कटरिया गांव जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और और न्याय की मांग करने की घोषणा की है।
कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
रविवार शाम सिटी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य जनक कुशवाहा समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। वहीं, जिलाध्यक्ष सुनील राम को उनके आवास से ही हिरासत में लिया गया।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं और प्रस्तावित विरोध कार्यक्रमों को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।


