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नोएडा में कंस्ट्रक्शन साइट्स पर नियम तोड़ने पर ₹32 करोड़ जुर्माना, वसूली का रिकॉर्ड गायब; RTI जवाब ने खड़े किए सवाल

नोएडा में वायु प्रदूषण और निर्माण स्थलों पर नियमों की अनदेखी की चिंता लगातार बढ़ रही है। मार्च 2026 में एनवायरनमेंटलिस्ट अमित गुप्ता द्वारा दाखिल RTI के जवाब से यह पता चला कि उत्तर प्रदेश स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रीजनल ऑफिस ने 2017 से 2026 तक एयर पॉल्यूशन से जुड़े उल्लंघनों पर ₹32 करोड़ से अधिक का एनवायरनमेंटल कंपनसेशन लगाया। हालांकि, यह जानना चौंकाने वाला है कि रीजनल ऑफिस के पास इस राशि की असली रिकवरी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

2026 में डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई

RTI के अनुसार, जनवरी 2026 से नोएडा अथॉरिटी को ₹16,40,000 के एनवायरनमेंटल कंपनसेशन के लिए रिकमेंडेशन भेजी गई। फिर भी, रीजनल ऑफिस को इस रकम की वसूली की कोई पुष्टि नहीं है।

पांच महीनों में 55 ठेकेदारों पर जुर्माना

पिछले पांच महीनों में नोएडा अथॉरिटी की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर 55 ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों पर ₹21,00,000 का एनवायरनमेंटल कंपनसेशन लगाया गया। यह जुर्माना C&D वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 और 25 जनवरी 2018 के डस्ट कंट्रोल नोटिफिकेशन का उल्लंघन करने पर लगाया गया।

उल्लंघन पाए गए सेक्टर

निरीक्षण के दौरान कई सेक्टरों में डस्ट कंट्रोल नियमों का उल्लंघन देखा गया। इनमें सेक्टर 1, 2, 5, 6, 8, 14, 49, 50, 51, 58-59, 60, 63, 70-121, 74-117, 74-136, 78, 81, 83, 85, 91, 115, 116, 122, 129, 132, 142, 154 और फेज़ 2 शामिल हैं। इन मामलों में ₹10,000 से ₹50,000 तक के एनवायरनमेंटल कंपनसेशन की सिफारिश की गई।

NGT में पेंडिंग केस

पॉल्यूशन से जुड़ा एक मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में पेंडिंग है। इसके बावजूद, शहर में निर्माण स्थलों पर डस्ट कंट्रोल नियमों के उल्लंघन की खबरें लगातार मिल रही हैं। RTI डेटा ने यह सवाल भी उठाया कि जब सालों से करोड़ों रुपये का कंपनसेशन तय है, तो इसकी रिकवरी का रिकॉर्ड संबंधित ऑफिस के पास क्यों नहीं है।

साल दर साल एनवायरनमेंटल कंपनसेशन

वर्ष पेनल्टी अमाउंट (₹)
2015 0
2016 0
2017 37,65,000
2018 1,70,80,000
2019 2,09,65,000
2020 1,15,55,000
2021 1,67,20,000
2022 1,55,02,000
2023 4,35,67,000
2024 9,04,26,875
2025 10,19,48,500

नोट: 2024 और 2025 में सबसे अधिक कंपनसेशन क्रमशः ₹9.04 करोड़ और ₹10.19 करोड़ तय किया गया। सिर्फ दो साल में लगभग ₹19 करोड़ का एनवायरनमेंटल कंपनसेशन तय हुआ।

नोएडा अथॉरिटी की आगामी कार्रवाई

इस आंकड़ों को नोएडा अथॉरिटी को सौंप दिया गया है। अब संबंधित अधिकारी इन उल्लंघनों के आधार पर कार्रवाई करेंगे।

— रितेश तिवारी, रीजनल ऑफिसर, उत्तर प्रदेश स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

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