“नोएडा में मतांतरण गिरोह पर पुलिस का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार”

ग्रेटर नोएडा। गरीबों और बीमारों को परेशानियां दूर होने का लालच देकर ईसाई धर्म में मतांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार ऐच्छर निवासी चंद्रकिरण और राजस्थान के सुरेश कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। चंद्रकिरण के भतीजे मनीष कुमार का आरोप है कि दोनों उसके घर आए थे।
धार्मिक पुस्तकें और रुपए देकर कहा कि ईसाई धर्म अपना लो माला माल हो जाओगे, तुम्हारी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। मनीष ने चाचा द्वारा खुद और पूरे परिवार का ईसाई धर्म में काफी समय पहले ही मतांतरण कर लेने का आरोप है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में दोनों आरोपितों द्वारा खुद मतांतरण कर लेने की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्राम ऐच्छर निवासी मनीष कुमार का आरोप है कि चाचा और सुरेश कुमार ने परिवार के साथ करीब सात वर्ष पहले ही ईसाई धर्म में मतांतरण कर लिया था। चाचा और उनका परिवार नियमित रूप से घर में ईसा मसीह की प्रार्थना करते थे। मनीष का आरोप है कि चाचा उसके परिवार पर भी मतांतरण के लिए दबाव बनाते थे और माला माल होने का भी प्रलोभन देते थे।
मनीष का कहना है कि आठ फरवरी को दोपहर करीब एक बजे चंद्रकिरण और सुरेश उसके घर पहुंचे। जबरन ईसाई धर्म से संबंधित दो पुस्तकें और दो हजार रुपए दिए। कहा तुम सब ईसाई धर्म में मतांतरण कर लो तुम्हें माला माल कर सारी परेशानियां दूर कर दूंगा। मनीष की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मतांतरण से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था।
मतांतरण गिरोह में बिहार की महिला की संलिप्तता आई सामने
बीटा दो के सेक्टर-36 स्थिति ईसाई दंपती के जिस बी-224 मकान में मतांतरण को लेकर गतिविधियां संचालित की जा रहीं थी। यहीं पर गिरोह के सदस्य रणनीति भी बनाते थे। शनिवार को सोसायटीवासियों की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चंद्रकिरण और सुरेश को गिरफ्तार किया था। जबकि सुरेश की पत्नी, चंद्रकिरण की पत्नी व साली और एक बिहार निवासी महिला भी मौजूद थी।
कार्रवाई के दौरान चारों महिलाएं भाग गईं थी। फिलहाल चारों पर पुलिस की नजर है और पूछताछ भी जारी है। सोसायटीवासियों का कहना है कि गिरोह के सदस्यों ने क्षेत्र बांट रखे थे। चंद्रकिरण, उसकी पत्नी व साली ऐच्छर और आसपास के गरीब परिवारों से संपर्क कर मतांतरण के लिए उकसाते थे। सुरेश कुमार और उसकी पत्नी सेक्टर सिग्मा दो क्षेत्र और बिहार निवासी महिला बिरौंडी में रहकर मतांतरण से संबंधित गतिविधियां करती है।
गिरोह के सदस्य बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों से आकर झुग्गी झोपड़ियों व गांवों में किराए पर रहने वाले में रहने वाले गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कासना क्षेत्र में भी एक स्थान पर ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा आयोजित होने की जानकारी मिली है। उक्त कार्रवाई के बाद यहां भी गतिविधियां बंद हैं।



