ग्रेटर नोएडा PNB फ्रॉड में नया खुलासा, बैंककर्मी दीपांशी ने भाई के साथ रची थी साजिश; पीड़ितों ने खोले राज

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई वन स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ब्रांच में हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में कथित तौर पर प्रेमी-प्रेमिका की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि बैंक की महिला कर्मी दीपांशी ने अपने प्रेमी आशुतोष पाठक के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े की साजिश रची। दोनों ने मिलकर खाताधारकों के करोड़ों रुपये का गबन कर लिया।
सीबीआई की टीम मुख्य आरोपी दीपांशी और उसके प्रेमी आशुतोष की तलाश में जुटी है। उनके पकड़े जाने पर इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा होगा। पीएनबी के अधिकारियों के मुताबिक, ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी ने इस पूरे फर्जीवाड़े की साजिश रची। दीपांशी ने ब्रांच के छह अधिकारियों की सीबीएस (कोर बैंकिंग सिस्टम) यूजर आईडी का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद दीपांशी ने अपने प्रेमी आशुतोष पाठक को लाभ दिलाने की नीयत से उसका बैंक में पहले खाता खुलवाया और फिर खातेदारकों की एफडी की रकम उसके खाते में ट्रांसफर कर दी। दीपांशी ने बड़ी चालाकी से अपने प्रेमी आशुतोष के साथ मिलकर यह पूरा फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
बैंक की पूछताछ के दौरान दीपांशी ने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि उसने आशुतोष पाठक के कहने पर ग्राहकों के खातों से बिना अनुमति रुपये ट्रांसफर किए। उसने यह भी बताया था कि बैंक के दूसरे अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर ये ट्रांजेक्शन की गईं। उसने इन ट्रांजेक्शन से जुड़े वाउचर भी नष्ट कर दिए थे।
सीबीआई की जांच में कई खुलासे होंगे
बैंक में हुए गबन मामले की सीबीआई जांच जल्द शुरू हो सकती है। जांच में पता चलेगा कि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड कौन था। किसकी क्या भूमिका थी।
49 एफडी तोड़कर दस करोड़ से अधिक की हेराफेरी
पंजाब नेशनल बैंक में हुए फर्जीवाड़े के मामले में पीएनबी का दावा है कि मुख्य आरोपी दीपांशी ने 49 लोगों की एफडी तोड़ी। इन एफडी के करीब 10 करोड़ 24 लाख की रकम सात खातों में ट्रांसफर की गई। इसके बाद यह रकम आरोपी आशुतोष पाठक के खाते में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। पीएनबी की शुरुआती जांच में पता चला है कि कई ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम सीधे पहले आशुतोष पाठक के खाते में भेजी गई। इसके बाद यह रकम प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के खातों के जरिये वापस आशुतोष पाठक के खाते तक पहुंचाई गई। इसमें से कुछ रकम निकाली भी गई।
बैंक के बाहर धरना जारी
बैंक के बाहर किसान संगठन और खातेदारकों का धरना जारी है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक एक-एक खातेदार के रुपये वापस नहीं आ जाते, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। किसानों के साथ खातेदार भी धरने पर बैठे हैं। इनमें महिला खातेदार भी शामिल है। बैंक प्रबंधन ने खातेदारकों के रुपये लौटने शुरू कर दिए हैं।



