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नोएडा में सड़क सुरक्षा पर सांसद महेश शर्मा सख्त, इंजीनियर की मौत के बाद खतरनाक स्पॉट दुरुस्त करने के निर्देश

नोएडा: नोएडा के सेक्टर-150 में युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 65 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की है। इनमें 50 ब्लैक स्पॉट्स बिल्डरों को पांच दिनों के अंदर सुधारने होंगे, वरना उन पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा। बाकी 15 ब्लैक स्पॉट्स प्राधिकरण खुद 15 दिनों में ठीक करेगा।

जलभराव की समस्या रोकने को 20 गांवों में ड्रेनेज व्यवस्था बेहतर की जाएगी और पूरे नोएडा का विस्तृत सर्वेक्षण होगा। इसका आदेश नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ कृष्णा करूणेश ने जारी किया है। गौरतलब है कि, थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-150 के एससी-2 ए-3 में मॉल के बेसमेंट के लिए खोदी गई जगह में भरे पानी में डूबने से 16 जनवरी की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी।

इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों के गड्ढों को भरने के सख्त निर्देश जारी किए थे। इस घटना ने शहर में सड़क सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर दिया। इसके बाद प्राधिकरण ने सड़क किनारे वाले उन भूखंडों की जांच की। जहां जलभराव है, बेसमेंट खोदे गए हैं या सुरक्षा मानक पूरी नहीं हो रहे। वर्क सर्किल-1 से 10 तक के इन बिंदुओं पर विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया है।

नोएडा के 50 स्थान बिल्डरों से जुड़े

65 जगहों पर बुनियादी सड़क सुरक्षा के मानक पूरी तरह नदारद हैं। इनमें से 50 स्थान सीधे बिल्डरों से जुड़े हुए हैं। यहां न बैरिकेडिंग मौजूद है, न चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर लगे हैं। बिल्डरों को नोटिस देकर 3 से 5 दिन का समय दिया गया है। इसके अलावा 15 ऐसे बिंदु भी मिले हैं, जिनकी सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह नोएडा प्राधिकरण पर है। इन जगहों पर सुरक्षा रेलिंग, साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्राधिकरण खुद करवाएगा।

युवराज की मौत के बाद प्राधिकरण न सिर्फ सड़कों पर, बल्कि जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर भी सक्रिय हो गया है। शहर के 20 गांवों में सम्पवेल व ड्रेनेज सिस्टम सुधारने की योजना तैयार की गई है। इनमें 7 गांवों के प्रोजेक्ट को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है, बाकी पर काम चल रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि जलभराव ही कई दुर्घटनाओं का मुख्य कारण होता है।

अब हादसों के बाद नहीं, बल्कि पहले से ही खतरों को भांपकर कार्रवाई होगी। इसी कड़ी में प्राधिकरण ने पूरे नोएडा शहर का विस्तृत ड्रेनेज सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। इस सर्वे से कमजोर ड्रेनेज बिंदु, ओवरफ्लो क्षेत्र और जलभराव प्रभावित इलाकों का पता लगाया जाएगा, ताकि इन्हें समय पर ठीक किया जा सके।

आदेश नहीं मानने पर बिल्डरों पर जुर्माना

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल ने 2 दिनों में सर्वे पूरा कर ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित कर काम शुरू कर दिया है। 50 ब्लैक स्पॉट बिल्डर इलाकों में आ रहे हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए बिल्डरों को 5 दिन का समय दिया गया है। अगर वे नहीं कराएंगे, तो प्राधिकरण खुद काम पूरा करेगा और बिल्डर पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

सांसद महेश शर्मा की सुधार के लिए बैठक

सड़क हादसों को घटाने के उद्देश्य से मंगलवार को डीएम कार्यालय में सांसद सड़क सुरक्षा समिति और जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें सड़क सुरक्षा कार्यों की नियमित समीक्षा, दुर्घटनाओं के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण और हादसों के मुख्य कारणों की पहचान पर चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने साल 2021 से 2025 तक जिले में चिह्नित सड़क दुर्घटना ब्लैक स्पॉट्स और उन पर किए गए सुधार कार्यों का विस्तृत विवरण सांसद को बताया। जानकारी दी गई कि जिले में कुल 152 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान हुई है। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने निर्देश दिए कि तय प्रोटोकॉल के अनुसार ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित कर वहां स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड, दिशा सूचक, ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे जैसे सभी जरूरी इंजीनियरिंग उपाय अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।

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