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ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, चीनी नागरिक समेत तीन गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नोएडा में अंतरराष्ट्रीय हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक चीनी नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि चीन का नागरिक लियाओ लोंगहुई (Liao Longhui) पिछले करीब छह वर्षों से वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से रह रहा था। आरोप है कि उसने कई शेल कंपनियां बनाकर हवाला नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया और अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज भी तैयार कराए।

चीनी नागरिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चीन के जियांग्शी प्रांत निवासी लियाओ लोंगहुई, गाजियाबाद निवासी संजीव कुमार और औरैया निवासी कौशलेन्द्र के रूप में हुई है। तीनों को 22 जुलाई की रात नोएडा के सेक्टर-93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी से गिरफ्तार किया गया।

नोएडा एसटीएफ यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि सेक्टर-83 स्थित वाईटीएल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी की जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। कंपनी मोबाइल फोन कवर बनाने का कारोबार करती थी।

शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों का लेन-देन

पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर एसटीएफ टीम आरोपियों के फ्लैट पर पहुंची। वहां से शेल कंपनियों से जुड़े दस्तावेज, कई बैंकों की चेकबुक, फर्जी आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए गए।

जांच में पता चला कि लियाओ ने अपने कर्मचारियों और ड्राइवर के पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर कई शेल कंपनियां खड़ी कीं। इन कंपनियों के माध्यम से वित्तीय लेन-देन किया जाता था, जबकि हवाला नेटवर्क के लिए हांगकांग में पंजीकृत दो कंपनियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

मोबाइल कवर कारोबार की आड़ में हवाला का खेल

एसटीएफ की जांच के मुताबिक, लियाओ वर्ष 2018 में भारत आया था और उसने अपने ससुर एवं साले द्वारा स्थापित वाईटीएल प्राइवेट लिमिटेड का संचालन संभाल लिया।

आरोप है कि चीन से मोबाइल कवर बनाने का कच्चा माल ऊंची कीमतों पर आयात किया जाता था, जबकि तैयार माल दिल्ली के करोल बाग और नेहरू प्लेस जैसे बाजारों में कम बिलिंग (Under-Invoicing) के जरिए बेचा जाता था। इस प्रक्रिया से बचाई गई रकम हवाला नेटवर्क के माध्यम से चीन भेजी जाती थी।

फर्जी आधार कार्ड और एक्सपायर वीजा का खुलासा

जांच के दौरान लियाओ लोंगहुई के पास से एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ, जिस पर उसकी तस्वीर लगी थी लेकिन नाम सैमुअल लोथा और पता कोहिमा (नागालैंड) दर्ज था।

एसटीएफ के मुताबिक, उसका भारतीय वीजा वर्ष 2020 में ही समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद वह अवैध रूप से भारत में रहकर हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे संगठित अपराधों को अंजाम दे रहा था।

करोड़ों के दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनमें 5 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 2 चीनी पासपोर्ट, 1 चीनी पहचान पत्र, 10 कंपनियों की मुहरें, 11 बैंक चेकबुक, विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज, करीब 4.72 करोड़ रुपये मूल्य के बैंक चेक और 15,400 रुपये नकद शामिल हैं।

चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका भी जांच के दायरे में

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजीव कुमार, जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है, पर शेल कंपनियां बनाने और बैंक खाते खुलवाने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। जांच एजेंसियां अब उसके वित्तीय लेन-देन और अन्य कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन जांच कर रही हैं।

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