Sambhal Violence: पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक बढ़ी, HC में अगली सुनवाई 21 अप्रैल को

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नवंबर 2024 के संभल हिंसा मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश पर लगी अंतरिम रोक को 21 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया है. न्यायमूर्ति समित गोपाल ने यह आदेश पूर्व संभल क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार चौधरी और तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. बता दें, दोनों अधिकारियों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया.
कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा, साथ ही याचिकाकर्ताओं को जवाबी हलफनामे के बाद अपना रिस्पॉन्स दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया गया है.
ये था पूरा मैटर: मामला संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें एक शिकायत के आधार पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नवंबर, 2024 की हिंसा के दौरान पुलिस ने उसके बेटे पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया. सीजेएम के आदेश को पुलिस अधिकारी और राज्य सरकार ने हाइकोर्ट में चुनौती दी है.
वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि मजिस्ट्रेट ने कानून के आवश्यक प्रावधानों की अनदेखी करते हुए आदेश पारित किया और पुलिस अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया. वहीं शिकायतकर्ता की ओर से सीनियर वकील ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने ही अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि उसे नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए. हाइकोर्ट ने फिलहाल याचिका की वैधता के मुद्दे को खुला रखा है, जिस पर अब जवाबी हलफनामों के आधार पर विचार किया जाएगा.



