यूपी के इस जिले में 16 अधीक्षक और प्रभारियों ने एक साथ दे दिया इस्तीफा, सीएमओ पर लगाए गंभीर आरोप

जिले के 16 सीएचसी व पीएचसी के अधीक्षकों और प्रभारियों ने अपने प्रशासनिक पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इन सभी ने सीएमओ पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। चिकित्साधिकारियों के इस कदम से प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
सीएमओ ने शुक्रवार को भाटपार रानी पीएचसी प्रभारी समेत सात चिकित्साधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया था। शनिवार को लार, रुद्रपुर, भाटपार रानी, तरकुलवा, गौरी बाजार और पथरदेवा समेत जिले के विभिन्न सीएचसी और पीएचसी के अधीक्षकों और प्रभारियों ने सीएमओ से मिलकर सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
इन स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपने इस्तीफे में कहा है कि जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है। 215 स्वीकृत पदों के सापेक्ष महज 103 डॉक्टर कार्यरत हैं। डॉक्टरों की संख्या आधे से भी कम होने के बावजूद वे पूरी निष्ठा के साथ 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। सीमित संसाधनों और कम संख्या के बावजूद इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और राष्ट्रीय कार्यक्रमों को संपन्न कराते आ रहे हैं।
इसके साथ ही आरोप लगाया है कि विपरीत परिस्थितियों में काम करने के बाद भी उन्हें सीएमओ मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। इस्तीफे में चिकित्साधिकारियों ने कहा है कि वे सिर्फ प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे रहे हैं ताकि व्यवस्था के मानसिक दबाव से मुक्त हो सकें। मरीजों के हित में वे मूल चिकित्सकीय कार्यों को पहले की तरह करते रहेंगे।
डीएम के छापा मारने के बाद से चर्चा में अस्पताल
पिछले दिनों बैतालपुर और भाटपार रानी स्वास्थ्य केंद्र की डीएम ने जांच की थी। दोनों अस्पतालों में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए थे। डीएम के आदेश पर कर्मियों से जवाब-तलब किया गया है। इसके बाद से ही दोनों अस्पताल चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि डीएम के छापे के बाद ही सीएमओ ने लंबे समय से जमे अधीक्षकों और प्रभारियों का स्थानांतरण किया था। जिन सात चिकित्साधिकारियों का स्थानांतरण हुआ था, उनमें भाटपार रानी और बैतालपुर के प्रभारी भी शामिल हैं।
जानें क्या बोले अधिकारी
शासन के आदेश और डीएम के निर्देश पर जनहित में अधीक्षकों और प्रभारियों के स्थानांतरण किए गए। सीएचसी और पीएचसी के चिकित्साधिकारी आवास पर आए थे और सामूहिक रूप से पत्र दिया है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। – डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, सीएमओ
सभी डॉक्टर मरीजों की जांच और इलाज करेंगे। प्रशासनिक तौर पर भी जरूरी कार्यों का निपटारा कराया जाएगा। जो दिक्कतें हैं, उन्हें दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। – जयंत कुमार एडी हेल्थ गोरखपुर


