एनसीआरग्रेटर नोएडा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घर खरीदारों के लिए खुशखबरी: UP RERA ने 3 नए प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी

ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 1,270.48 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाली 15 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य के 10 जिलों में करीब 3,102 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है।

बोर्ड बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित 201वीं बोर्ड बैठक में इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। रेरा के अध्यक्ष संजय भूस रेड्डी ने बताया कि इन स्वीकृतियों से राज्य में व्यवस्थित और पारदर्शी रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे निवेश और खरीदारों का विश्वास मजबूत होगा।

गौतमबुद्ध नगर निवेश में सबसे आगे

परियोजनाओं के निवेश के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर जिला सबसे आगे रहा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 507.77 करोड़ रुपये की लागत से दो आवासीय और एक व्यावसायिक परियोजना को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत 380 आवासीय और 169 व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।

लखनऊ में सबसे अधिक परियोजनाओं को स्वीकृति

लखनऊ में सर्वाधिक चार परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनकी कुल लागत 90.77 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं के तहत 330 आवासीय और 348 व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा।

अन्य जिलों में भी विकास को मिली रफ्तार

मुरादाबाद में 335.77 करोड़ रुपये की लागत वाली एक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके अंतर्गत 627 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा।
बदायूं में 72 करोड़ रुपये की लागत से 226 आवासीय इकाइयों वाली परियोजना को स्वीकृति मिली है।
वाराणसी में 36.68 करोड़ रुपये की लागत से 98 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
मेरठ में 20.25 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना के तहत 76 आवासीय इकाइयां विकसित होंगी।
प्रयागराज में 31.19 करोड़ रुपये की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है।

इसके अतिरिक्त मुजफ्फरनगर में 12.37 करोड़, गाजियाबाद में 122.18 करोड़ और गोरखपुर में 41.50 करोड़ रुपये की लागत वाली व्यावसायिक परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

इन परियोजनाओं की स्वीकृति से राज्य में आवासीय और व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, रोजगार के अवसर बढ़ने और शहरी बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ होने की भी संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button