नोएडा में जाम और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति, 300 करोड़ से बदलेंगे शहर के सड़कें और चौराहे

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वालों के लिए अच्छी खबर है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों ट्रैफिक जाम से निजात मिलने जा रही है. दोनों शहरों को जोड़ने के लिए एक और वैकल्पिक मार्ग को शुरू करने की कवायद तेज हो गई है. नॉलेज पार्क थ्री से नोएडा के सेक्टर 146-147 के बीच हिंडन नदी पर बन रहे पुल और उससे जुड़े एप्रोच रोड का निर्माण तेजी से चल रहा है.
परी चौक पर वाहनों का लोड कम होगा
इसे पूरा होने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन और सुगम होगा. साथ ही परी चौक पर वाहनों का दबाव भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने मंगलवार को हिंडन नदी पर बन रहे पुल और ग्रेटर नोएडा की ओर एप्रोच रोड का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों व कार्यदायी संस्था को समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए.
एक किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड बन रहा
उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा की तरफ एप्रोच रोड की कुल लंबाई लगभग एक किलोमीटर है, जिस पर करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. इस एप्रोच रोड का लगभग 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य को अगले छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से इस पुल का निर्माण ब्रिज कार्पोरेशन की निगरानी में कराया जा रहा है.
समय के भीतर काम पूरा करने का निर्देश
अधिकारियों के अनुसार, पुल के निर्माण में भी लगभग इतना ही समय लगने की संभावना है. प्राधिकरण का प्रयास है कि पुल के तैयार होते ही दोनों ओर की एप्रोच रोड भी पूरी हो जाए, ताकि इस मार्ग को तुरंत वाहनों के लिए खोल दिया जाए. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं.
वैकल्पिक मार्ग शुरू होगा
उनका कहना है कि नया वैकल्पिक मार्ग शुरू होने से न सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच दूरी कम होगी, बल्कि यात्रियों का समय भी बचेगा. इसके साथ ही परी चौक जैसे प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट पर वाहनों का भार कम होगा, जिससे जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी.
इन सेक्टरों को फायदा
यह मार्ग विशेष रूप से नॉलेज पार्क, सेक्टर 146-147 और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा. स्थानीय लोगों और रोजाना आवागमन करने वालों को उम्मीद है कि यह परियोजना समय पर पूरी होगी और आने वाले महीनों में उन्हें एक नए, सुविधाजनक और सुरक्षित मार्ग का लाभ मिलेगा.



