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ग्रेटर नोएडा में किसानों के फ्री टोल पार करने पर बनी सहमति, अंतिम फैसला 9 जुलाई को होगा

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर किसान संगठनों को दी जा रही टोल छूट की सुविधा बिना किसी पूर्व सूचना के बंद किए जाने के विरोध में किसानों में आक्रोश है. इसके विरोध में किसान संगठनों ने तीन जुलाई को जेवर टोल प्लाजा पर धरने की घोषणा की थी. इसको लेकर गुरुवार को यमुना अथॉरिटी में एक बैठक हुई और बैठक के बाद तात्कालिक रूप से निशुल्क टोल पार करने और धरना स्थगित करने पर सहमति बन गई. हालांकि, अंतिम फैसला 9 जुलाई को होगा.

टोल पर किसानों को फ्री निकलने की बनी सहमति

धरने की घोषणा के बाद हरकत में आए पुलिस प्रशासन ने यमुना अथॉरिटी के मीटिंग हॉल में किसान संगठनों, अथॉरिटी और टोल कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ता की गई. बैठक में डीसीपी ग्रेटर नोएडा रविशंकर निम, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार, एसीईओ मनीष मीणा, ओएसडी शैलेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे.

9 जुलाई को होगा अंतिम फैसला

किसान संगठनों की मांगों पर सहमति बनाते हुए अधिकारियों ने किसानों की टोल सुविधा तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू करने का आश्वासन दिया. किसान संगठनों की टोल सुविधा बहाल करने के बाद तीन जुलाई को प्रस्तावित धरना एवं महापंचायत स्थगित कर दी गई. इस पूरे विषय पर अंतिम निर्णय के लिए 9 जुलाई को किसान संगठनों, यमुना अथॉरिटी और टोल कंपनी के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी. किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि देशभर की सड़कें किसानों की भूमि के अधिग्रहण से बनी हैं. जब विभिन्न वर्गों को टोल में छूट मिल सकती है, तो जिन किसानों की जमीन पर सड़क बनी है, उन्हें यह सुविधा न देना घोर अन्याय है.

बैठक में किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा, किसान मजदूर संघर्ष मोचा के प्रवक्ता ब्रजेश भाटी, मास्टर श्योराज, अनिल तालान, अमन ठाकुर, महेश कसाना, उदल यादव, कुंवरपाल प्रधान, गीता भाटी, श्रीपाल भाटी, नवाब कुरेशी, जयपाल शर्मा, गौरव राजपूत, देशराज नागर आदि उपस्थित रहे.

किन किसानों को होगा फायदा?

भूमि मालिक और परिवार- इस योजना का सीधा लाभ उन लगभग 4,500 किसानों और उनके परिवारों को मिलेगा, जिन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अपनी जमीन दी थी.

जारी होंगे फास्टैग- पात्र किसानों को मुफ्त फास्टैग जारी किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें जेवर सहित अन्य टोल प्लाजा पर पहचान के लिए रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

प्रभावित क्षेत्र- यह सुविधा गौतमबुद्ध नगर सहित उन 6 जिलों के किसानों को दी जा रही है, जिनकी जमीन अधिग्रहण की जद में आई थी.

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