मुरादाबाद: घर में सोने गए थे BJP नेता चंद्रपाल, आधा किमी दूर पेड़ पर लटका मिला शव; मोबाइल-लाठी और कपड़े अलग-अलग जगह मिले

बिलारी थाना क्षेत्र के डांडा गाेविंदपुर गांव के जंगल में मंगलवार की सुबह भाजपा के बूथ अध्यक्ष चंदपाल सिंह (55) का शव पॉपुलर के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला है। चंद्रपाल सोमवार की देर रात घर से अचानक गायब हो गए थे।
उनके परिजनों ने हत्या किए जाने की आशंका जताई है। मंगलवार की शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होने की पुष्टि हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि डांडा गोविंदपुर निवासी चंद्रपाल सिंह करीब पांच वर्ष से भाजपा से जुड़े रहने के अलावा पार्टी संगठन की ओर से अपने गांव के बूथ अध्यक्ष भी थे। चंद्रपाल सिंह किसानी भी करते थे।
वह सोमवार की रात अपने घर के पास बनी बैठक में अकेले सो रहे थे। सोमवार की रात करीब 12 बजे तक पड़ोसियों ने उन्हें बैठक में ही सोते देखा था। मंगलवार की सुबह गांव के युवक जंगल की ओर गए तो उन्होंने देखा कि गांव से करीब 500 मीटर दूर खेत में खड़े पॉपुलर के पेड़ से चंद्रपाल सिंह का शव लटका हुआ था।
सूचना मिलते ही चंद्रपाल सिंह के परिजन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बिलारी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई और फोरेंसिक टीम भी बुला ली। चंद्रपाल सिंह की गर्दन में प्लास्टिक की रस्सी बंधी हुई थी।
रस्सी के ऊपर का हिस्सा पॉपुलर की टहनी में बंधा हुआ था। पुलिस प्रारंभिक जांच में आत्महत्या मान रही थी जबकि परिजन मौके पर थाना प्रभारी से स्पष्ट कह रहे थे कि साजिश के तहत चंद्रपाल सिंह को घर से जंगल में बुलाया गया और उनकी गला घोंटकर हत्या कर दिए जाने के बाद शव को पेड़ पर लटका दिया गया।
चंद्रपाल सिंह के छोटे भाई वीरपाल सिंह ने बताया कि उनके भाई का मोबाइल, तहमद और लाठी पड़ी हुई मिली। जिससे स्पष्ट है कि कि उनके भाई की हत्या की गई है। चंद्रपाल सिंह के बेटे राजेश कुमार ने बताया कि रात 12 बजे तक उसके पिता घर में ही रहे थे। बाद में किसी ने उन्हें कॉल करके बुलाया और उनकी हत्या कर दी गई।
डांडा गोविंदपुर के प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि चप्पल और मोबाइल अलग अलग स्थान पर मिलना यह संकेत दे रहा है कि चंद्रपाल सिंह की हत्या की गई है। मंगलवार की शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि चंद्रपाल की मौत लटकने से हुई है।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चंद्रपाल के मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवाई जा रही। जिससे पता चल सकेगा कि उन्हें किसी ने बुलाया था या फिर वह खुद ही गए थे।
अपने परिवार की गुजर बसर का मुख्य सहारा थे चंद्रपाल सिंह
बिलारी। डांडा गोविंदपुर गांव निवासी चंद्रपाल सिंह अपने परिवार की गुजर बसर का मुख्य सहारा थे। चंद्रपाल सिंह के तीन छोटे भाई वीरपाल, किशनपाल और जुगलकिशोर हैं। चारों भाई अपने अपने परिवारों के साथ अलग रहते हैं।
चंद्रपाल सिंह के परिवार में पत्नी विद्या देवी के अलावा तीन बेटे राजेश, मुनेश और मुकेश तथा दो बेटियों मीना और पुष्पा हैं। चंद्रपाल सिंह जागरूक किसान थे और दादेलाही कृषि भूमि में खेती करते थे।
चंद्रपाल सिंह भाजपा के बूथ अध्यक्ष होने की वजह से भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवदत्त दिवाकर समेत कई भाजपा पदाधिकारी डांडा गोविंदपुर गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।


