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नोएडा अथॉरिटी का बड़ा फैसला, GPA से बिके फ्लैट्स की लीज डीड के लिए 8 सदस्यीय कमेटी गठित

नोएडा में रेजिडेंशियल कोऑपरेटिव सोसाइटियों में कई फ्लैट्स को जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के आधार पर बार-बार खरीदा और बेचा गया है। इन फ्लैट्स की लीज डीड नोएडा अथॉरिटी द्वारा एग्जीक्यूट नहीं की गई हैं, जिससे अथॉरिटी को रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है।

सेक्टर-125 में एयर फोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड ने नोएडा अथॉरिटी को ऐसे 729 फ्लैट्स की सूची सौंपी है, जिन्हें ओरिजिनल अलॉटियों ने लीज डीड एग्जीक्यूट किए बिना ही बेच दिया था।

221वीं बोर्ड मीटिंग और आठ-सदस्यीय कमेटी

शनिवार को हुई 221वीं बोर्ड मीटिंग में इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर और नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में, एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (ACEO) की अध्यक्षता में आठ-सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी का उद्देश्य यह तय करना है कि इन लीज डीड्स को किन शर्तों पर और कैसे एग्जीक्यूट किया जा सकता है।

कमेटी में शामिल सदस्य हैं: ACEO ग्रुप हाउसिंग, चीफ लीगल एडवाइजर, फाइनेंशियल कंट्रोलर, स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर ग्रुप हाउसिंग, AIG स्टाम्प, GM प्लानिंग और जनरल मैनेजर सिविल/असिस्टेंट जनरल मैनेजर ग्रुप हाउसिंग।

त्रिपक्षीय सब-लीज डॉक्यूमेंट और कानूनी अड़चनें

नोएडा में जमीन अलॉट करने के बाद, सोसाइटी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बावजूद, बाद के फ्लैट खरीदारों के लिए त्रिपक्षीय सब-लीज डॉक्यूमेंट रजिस्टर नहीं हो पाता। यह एग्रीमेंट अथॉरिटी, सोसाइटी और खरीदार के बीच होता है, जो फ्लैट का कानूनी मालिकाना हक स्थापित करता है। डॉक्यूमेंट की कमी के कारण फ्लैट खरीदारों को बैंक लोन, प्रॉपर्टी ट्रांसफर, विरासत और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में दिक्कतें आती हैं।

नालों के किनारे STP निर्माण

नोएडा अथॉरिटी ने नालों की स्थिति सुधारने और सीवेज के पानी के ट्रिटमेंट के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने का निर्णय लिया है। ये प्लांट नालों के किनारे या पास उपलब्ध जमीन पर बनाए जाएंगे और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। ई-टेंडरिंग के जरिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए जाएंगे। STP बनाने वाली कंपनी पांच साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी संभालेगी। यह पहल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है।

किसानों के कोटे के तहत प्लॉट अलॉटमेंट

नोएडा अथॉरिटी ने 1976 से अप्रैल 1997 के बीच किसानों से जमीन अधिग्रहित की थी। उनके लिए 2011 में किसानों के लिए रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम (2011-1) शुरू की गई। इस स्कीम के तहत ड्रॉ के माध्यम से 644 प्लॉट अलॉट किए गए थे, जबकि आवेदनकर्ताओं की कुल संख्या 2901 थी।

अब बचे हुए 588 आवेदकों में से 66 प्लॉट का अलॉटमेंट शेष है। इसे भी ड्रॉ प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के ACEO लेवल अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है, जो ड्रॉ प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी और योग्य आवेदकों की सूची को वेरिफाई करेगी।

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