उत्तर प्रदेशराज्‍य

PWD एक्सईएन सस्पेंड, SE पर भी ऐक्शन, राम वन गमन मार्ग मामले में CM योगी सख्त

लखनऊ। अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले श्रीराम वन गमन मार्ग में दरारें पड़ने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद शासन ने शनिवार को अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया।

साथ ही, अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज ओंकार भारतीय के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही की गई है। दूसरी तरफ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने भी दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को एक महीने के लिए अस्थाई रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

ठेकेदार फर्म इस अवधि में मोर्थ, एनएचएआई के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित किसी भी सड़क परियोजना की बिडिंग में शामिल नहीं हो पाएगा। मोर्थ के अधीक्षण अभियंता (नार्थ-दो) तनवीर एच. पानीवाला ने शनिवार को ठेकेदार को निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया।

राष्ट्रीय मार्ग संख्या-731ए राम वन गमन मार्ग के पैकेज-दो के हालिया निरीक्षण में मिली खामियों पर सचिव पीडब्ल्यूडी दिव्य प्रकाश गिरि ने भी अधीक्षण अभियंता (एसई) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही व अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

राम वन गमन मार्ग ग्रीफील्ड हाईवे के पैकेज-दो में स्थित फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी, लगभग 1.5 किमी तक सड़क के किनारे की पटरी में दरारें और लगभग 500 मीटर लंबाई में हाईवे के किनारे किए गए सुरक्षात्मक कार्य का क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि निरीक्षण टीम ने की थी।

निरीक्षण टीम ने पाया था कि एसई और एक्सईएन ने परियोजना के कार्य में पर्यवेक्षणीय दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं किया और समुचित सतर्कता नहीं बरती। इसकी जांच मुख्य अभियंता वाराणसी वृत्त को सौंपी गई है। निलंबन के साथ ही एक्सईएन को लखनऊ मुख्यालय पर विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

उल्लेखनीय है कि हाईवे निर्माण में खामियां पाए जाने पर मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) एके जैन ने एसई (राष्ट्रीय मार्ग) और एक्सईएन (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए पत्रावली आठ सितंबर को शासन को भेजी थी। इसके साथ ही नई दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और स्वतंत्र अभियंता एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट को डिबार करने के लिए मोर्थ को पत्र लिखा था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button