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बीकेटीसी के कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी सौगात! बैठक में इन प्रस्तावों पर हुई चर्चा, यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में हुई। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में भगवान बदरीविशाल और भगवान केदारनाथ की स्तुति के बाद बैठक शुरू हुई। इसके बाद विशेष आमंत्रित सदस्यों का स्वागत किया गया। पिछली बैठक की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। फिर एजेंडे पर चर्चा हुई।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देश में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने प्रथम चरण की यात्रा के लिए मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब दूसरे चरण की यात्रा शुरू हो रही है। इसके लिए व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक हेमकुंड साहिब सहित चारधाम में 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में 32 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। चारधाम यात्रा के लिए 60 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। बदरीनाथ धाम में 17,22,908 और केदारनाथ धाम में 14,92,047 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं।

सीसीटीवी व्यवस्था मजबूत करने पर भी विचार

दोनों धामों से 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं। कपाट बंद होने में अभी दो माह शेष हैं। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बैठक में एजेंडा रखा। दूसरे चरण की यात्रा व्यवस्था, वेबसाइट के आधुनिकीकरण और यात्रा एसओपी पर चर्चा हुई। धामों और अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था मजबूत करने पर भी विचार हुआ।

चढ़ावे की गणना को और पारदर्शी बनाने, ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के जीर्णोद्धार के दूसरे चरण, तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और त्रिजुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव भी रखे गए। चर्चा के बाद प्रस्ताव पारित किए गए।

बैठक में कर्मचारियों के स्थायीकरण, समान कार्य-समान वेतन, पदोन्नति और दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देने सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। भीड़ प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों की मदद लेने, कर्मचारी सेवा नियमावली में सुधार और वेद संस्कृत महाविद्यालय खुलवाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

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