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नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, अधिकारियों में मचा हड़कंप

नोएडा। नोएडा अथॉरिटी की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार दोपहर प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। ई-मेल के जरिए मिली धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा अथॉरिटी की सात मंजिला इमारत की सघन तलाशी शुरू कर दी।

सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया और पूरी इमारत को खंगाला गया। मामला थाना सेक्टर-39 क्षेत्र से जुड़ा है।

पुलिस के मुताबिक, दोपहर के समय नोएडा अथॉरिटी की ऑफिशियल मेल आईडी पर एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें अथॉरिटी की इमारत को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ई-मेल मिलने के बाद अथॉरिटी के अधिकारियों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की। धमकी भरे ई-मेल की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर अथॉरिटी की सात मंजिला इमारत की तलाशी ली।

तलाशी अभियान में डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। इमारत के अलग-अलग हिस्सों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की। शुरुआती जांच में पुलिस को यह ई-मेल फर्जी धमकी वाला मेल प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी जरूरी कदम उठाना बेहद आवश्यक है। अब पुलिस की साइबर सेल इस बात का पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरा ई-मेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया। इसके अलावा ई-मेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए तकनीकी माध्यमों और अन्य डिजिटल सुरागों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ई-मेल भेजने के पीछे किसका हाथ है और इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था। पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती धमकी भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करना है। इसके लिए ई-मेल की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मेल किसी वास्तविक डिवाइस से भेजा गया था या किसी अन्य माध्यम अथवा तकनीक का इस्तेमाल कर भेजने वाले ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी सतर्क कर दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में भले ही धमकी को फर्जी माना जा रहा हो, लेकिन पुलिस की ओर से जांच पूरी होने तक इसे लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

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