उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी के किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 185.33 करोड़ की नई कृषि परियोजनाओं को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कृषि विकास योजना (एसएडीपी) 2026-27 के तहत कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की विभिन्न परियोजनाओं के लिए 286.46 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को सभी काम तय समय में पूरा करने और स्वीकृत राशि का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

यह फैसला गुरुवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की तीसरी बैठक में लिया गया। बैठक में चल रही परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए 101.13 करोड़ रुपये और कृषि व संबद्ध विभागों तथा संस्थानों की नई परियोजनाओं के लिए 185.33 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं में काम की गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा किसानों तक पहुंचना चाहिए।

सरकारी कृषि फार्म होंगे आधुनिक

स्वीकृत परियोजनाओं में सरकारी कृषि फार्मों को आधुनिक बनाने के लिए 60 करोड़ रुपये की दो साल की योजना भी शामिल है। इसके तहत आधुनिक कृषि मशीनरी, सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और जल निकासी की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कृषि विभाग की नौ एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) प्रयोगशालाओं की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 2.78 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसके अलावा देवरिया में नई आईपीएम प्रयोगशाला और मिट्टी जांच प्रयोगशाला भवन बनाने के लिए 3.71 करोड़ रुपये तथा लखीमपुर खीरी में मिट्टी जांच प्रयोगशाला भवन के निर्माण के लिए 2.60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

प्रशिक्षण और किसान-वैज्ञानिक संवाद पर जोर

कृषि विस्तार अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए भी बजट मंजूर किया गया है। कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसान-वैज्ञानिक संवाद और कृषि तीर्थ कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 8.80 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

वहीं, रहमान खेड़ा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में कृषि यंत्रीकरण, कंबाइन हार्वेस्टर प्रशिक्षण और चारदीवारी निर्माण के लिए 6.10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। बागवानी विकास की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भी 5.98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

गन्ने की नई किस्मों के लिए टिशू कल्चर लैब

गोरखपुर में गन्ने की नई किस्मों के प्रजनक बीज तैयार करने के लिए टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। इसके लिए 1.82 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। मत्स्य विभाग की योजनाओं के लिए भी 7.91 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस राशि से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, गोरखनाथ हैचरी का पुनर्निर्माण करने और सरकारी मछली फार्मों को मजबूत करने का काम किया जाएगा। इससे मछली बीज उत्पादन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

तीन जिलों में बनेंगे बीज भंडारण गोदाम

उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के माध्यम से बुलंदशहर, मैनपुरी और जालौन में बीज भंडारण गोदाम बनाए जाएंगे। इन गोदामों की कुल क्षमता 5,300 मीट्रिक टन होगी। इसके लिए 17.28 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इसके अलावा 14 पैक्स (PACS) में गोदाम और भंडारण सुविधाएं विकसित करने के लिए 54.55 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन भंडारण केंद्रों की कुल क्षमता करीब 25,000 मीट्रिक टन होगी।

कृषि विश्वविद्यालयों के विकास पर भी खर्च होगा पैसा

बांदा, अयोध्या और मेरठ के कृषि विश्वविद्यालयों तथा मथुरा के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में अनुसंधान, बुनियादी ढांचे और विभिन्न परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए 13.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कृषि विकास योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय स्वीकृत किया गया था। हालांकि, बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

समय पर काम पूरा करने के निर्देश

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागों और संस्थानों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजने से पहले उनकी ठीक से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद बार-बार संशोधन की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को तय समय में पूरा किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों तक जल्द पहुंच सके।

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