अंतर्राष्ट्रीय

ट्रंप ने भारत, चीन समेत 16 देशों के खिलाफ शुरू की ट्रेड को लेकर ये जांच, टैरिफ को लेकर जबरदस्त तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापार को लेकर फिर से बड़ी कार्रवाई की है। ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन, यूरोपीय संघ और 16 प्रमुख देशों के खिलाफ नई ट्रेड जांच शुरू की है। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों की सुरक्षा और वैश्विक ट्रेड में असंतुलन को दूर करना बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पिछले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप के टैरिफ प्रोग्राम को मजबूती देने की दिशा में उठाया गया है।

अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने बताया कि इस जांच के तहत उन देशों की समीक्षा की जाएगी जिनके पास अत्यधिक उत्पादन क्षमता है। इसमें शामिल हैं भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे। ग्रीयर ने कहा कि जांच के दौरान बड़े व्यापार घाटे, सरकारी सब्सिडी, कम मजदूरी, राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों की एक्टिविटी और पर्यावरण तथा श्रम मानक जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।

जबरदस्त टैरिफ की तैयारी

जांच का उद्देश्य जुलाई तक पूरा करना है, ताकि ट्रंप के द्वारा फरवरी में लगाए गए अस्थायी टैरिफ के समाप्त होने से पहले नए उपाय लागू किए जा सकें। ग्रीयर ने बताया कि यदि जांच में किसी देश के उत्पादों में असंतुलित उत्पादन पाया गया, तो अमेरिका नई टैरिफ्स लगा सकता है।

जबरन श्रम का भी होगा निरीक्षण

ग्रीयर ने यह भी कहा कि अमेरिका फोर्स्ड लेबर (जबरन श्रम) उत्पादों पर भी एक अलग सेक्शन 301 जांच शुरू करने वाला है। यह जांच 60 से ज्यादा देशों पर लागू होगी। इसका मकसद उन देशों को मजबूर करना है कि वे अपने उत्पादों में श्रम कानूनों का पालन करें और अमेरिकी कानूनों के अनुरूप हों।

अमेरिका का नया गेम प्लान

विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रंप की टैरिफ रणनीति का हिस्सा है। अमेरिका का लक्ष्य है वैश्विक व्यापार संतुलन बनाना, अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग की रक्षा करना और अनियमित उत्पादन को रोकना। ग्रीयर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम किसी देश के लिए अचानक नहीं है और लंबे समय से संकेत दिए जा रहे थे। ट्रंप प्रशासन का यह नया कदम भारत समेत 16 देशों के लिए गंभीर संकेत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन देशों की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर इसका क्या असर पड़ता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button