अंतर्राष्ट्रीय

ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक की, चीन और रूस को शामिल करने की इच्छा जताई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुआई में बोर्ड ऑफ पीस (Board of Peace) की पहली बैठक वॉशिंगटन में हुई. इसमें 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और करीब एक दर्जन देशों के पर्यवेक्षक शामिल हुए. ट्रंप ने मिडल-ईस्ट और वैश्विक कूटनीति में नए अध्याय की शुरुआत करते हुए गाजा के पुनर्निर्माण और शांति बहाली के लिए 10 अरब डॉलर (लगभग 83 हजार करोड़ रुपये) देने का बड़ा ऐलान किया. बैठक में शामिल 9 अन्य सदस्यों ने गाजा रिलीफ पैकेज के लिए 7 अरब डॉलर देने का वादा किया. हालांकि ये प्रस्तावित 70 अरब डॉलर के फंड से बहुत कम है.

यूएन पर नजर रखेगा बोर्ड ऑफ पीस

बोर्ड ऑफ पीस की इस पहली बैठक में गाजा में युद्ध के बाद के हालात और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर चर्चा की गई. इस दौरान ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे संघर्षों के समाधान में और ज्यादा एक्टिव होना चाहिए था. ट्रंप ने कहा कि नया बोर्ड ऑफ पीस आगे चलकर एक तरह से संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर नजर रखेगा और सुनिश्चित करेगा कि वह सही तरीके से काम करे. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका यूएन के साथ मिलकर काम करता रहेगा.

इन देशों ने रकम देने का वादा किया

ट्रंप ने बताया कि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए जिन देशों ने रकम का वादा किया है, उनमें कजाकिस्तान, अजरबैजान, यूएई, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत शामिल हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि रकम की एक-एक पाई गाजा में शांति और पुनर्निर्माण में खर्च की जाएगी. ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की बैठक की तारीफ करते हुए कहा कि यह दिखाता है कि बेहतर भविष्य का निर्माण किस तरह किया जा सकता है, इसकी शुरुआत इस कमरे से हो रही है.

ट्रंप ने कहा, मेरे साथ चालाकी नहीं चलेगी

वॉशिंगटन के यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में दर्जनों वैश्विक नेताओं की मौजूदगी के बावजूद ट्रंप ने इस बात को उठाया कि ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा समेत कई देशों ने अभी तक उनके बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के न्योते को स्वीकार नहीं किया है. ट्रंप ने अपने चिर परिचित अंदाज में कहा कि कुछ देश इस मामले में चतुराई दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मेरे साथ ऐसी चालाकी नहीं चलेगी. ट्रंप ने बोर्ड को अब तक का सबसे प्रतिष्ठित और ताकतवर समूह बताया.

ईरान को बताया दुनिया का हॉटस्पॉट

ट्रंप ने इस दौरान ईरान के साथ चल रहे तनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने ईरान को इस वक्त दुनिया का हॉटस्पॉट बताया और कहा कि उनके दूत ईरानी अधिकारियों के साथ ‘दिलचस्प’ मुलाकातें कर रहे हैं. ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान के साथ एक सार्थक समझौता जरूरी है वरना स्थिति गंभीर हो सकती है. ट्रंप का ये बयान ऐसे समय आया है जब ईरान रूस के साथ मिलकर सैन्य अभ्यास कर रहा है और अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने विमान वाहक पोत समेत बड़ी फौज तैनात कर दी है. अटकलें हैं कि ट्रंप जल्द ही ईरान पर हमला कर सकते हैं.

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