कानपुर में दर्दनाक हादसा: बारिश के बीच गिरा कच्चा मकान, पिता और तीन बेटियों समेत चार की मौत

कानपुर : साढ़ थाना क्षेत्र स्थित हिरनी गांव में रविवार सुबह बारिश के कारण दो मंजिला मकान अचानक ढह गया. मकान में मलबे के नीचे दबने से एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक मासूम बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई. हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया था. ग्रामीणों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पर समय से मदद न देने का आरोप लगाया है.
बताया गया कि साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में मकान ढहने की घटना हुई थी. गांव में रहने वाले मजदूर मुकेश (45) अपने परिवार के साथ रहते थे. रविवार सुबह बारिश के दौरान मकान ढह गया. मुकेश के साथ बेटियों माया (16), नीतू (12), पल्लवी (7) और काजल (19) भी घर में हीं थी. मकान के मलबे में पूरा परिवार दब गया. आननफानन पड़ोसियों और अन्य परिचितों ने सभी को बाहर निकाला और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां मुकेश, माया, नीतू, और पल्लवी की मौत गई. काजल की हालत गंभीर बताई जा रही है.
मुकेश के चचेरे भाई तेज बहादुर सिंह ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तेज बहादुर का कहना है कि मकान गिरने के तुरंत बाद साढ़ थाना पुलिस को कई बार फोन किया गया, लेकिन काफी देर तक फोन रिसीव नहीं हुआ. पुलिस के समय पर न पहुंचने की वजह से ग्रामीणों ने खुद ही अपने स्तर पर मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला. वहीं जब घायलों को पतारा सीएचसी ले जाया गया, तो वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे. समय पर इलाज मिल जाता तो शायद जानें बचाई जा सकती थीं.
तेज बहादुर सिंह के अनुसार बीमारी के कारण मुकेश की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी. इस हृदय विदारक घटना में केवल काजल ही जीवित बची है. काजल का विवाह आगामी दिसंबर माह में एक सम्मेलन के माध्यम से होना था, लेकिन शादी से पहले यह दुखद हादसा हो गया.
डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में एक कच्चा मकान गिर जाने से दुखद हादसा हुआ है. मकान में कुल 5 सदस्य मौजूद थे, जिनमें से 4 लोगों की मृत्यु हो चुकी है. एक घायल सदस्य का उपचार जारी है. क्षेत्र के एसडीएम समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. शासन-प्रशासन की ओर से पीड़ित और घायल परिवार को हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.



