
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तालकटोरा स्टेडियम में ‘माई होम इंडिया’ द्वारा आयोजित ‘नेस्ट फेस्ट-2026’ कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं और युवाओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ‘माई होम इंडिया’ की टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री धामी ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर नमन किया। धामी ने कहा कि उपस्थित युवा भारत का उज्ज्वल भविष्य हैं। उनमें बड़े सपने साकार करने का साहस और सामर्थ्य है। नेस्ट फेस्ट पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और देश की एकता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखंड के रहन-सहन तथा भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ‘माई होम इंडिय पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रहा है। यह कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ संकल्प का माध्यम बन रहा है।
पूर्वोत्तर का विकास और युवाओं को अवसर
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को देश के विकास का महत्वपूर्ण वृद्धि इंजन माना है। दशकों पुरानी ‘लुक ईस्ट’ नीति को ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘फास्ट ईस्ट’ की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल संपर्क और ऑप्टिकल फाइबर सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार खुले हैं। इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है।
युवाओं की भूमिका और उत्तराखंड का स्वागत
सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को वर्तमान की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति माना है। डिजिटल इंडिया, कौशल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। नए विद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थान विकसित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख किया। उन्होंने पूर्वोत्तर के युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड उनका अपना घर है। उनकी सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


