उत्तर प्रदेशराज्‍य

गाजियाबाद के इस कॉलेज को मिलेगी चौधरी अजीत सिंह के नाम की पहचान, योगी सरकार ने दी मंजूरी

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले चौधरी अजीत सिंह को लेकर बड़ी घोषणा की गई है। दरअसल, योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनता पीजी कॉलेज पतला, गाजियाबाद का नाम बदलकर चौधरी अजीत सिंह जनता पीजी कॉलेज करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सरकार की ओर से कहा गया है कि महापुरुषों के सम्मान और युवा पीढ़ी को उनके योगदान से जोड़ने की दिशा में उठाया गया यह कदम है। सरकार ने कॉलेज प्रबंधन के प्रस्ताव पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की संबद्धता समिति ने सहमति दी थी। विश्वविद्यालय कार्य परिषद का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग ने मंजूर कर लिया है। जल्द इस संबंध में आदेश जारी होगा।

योगी सरकार ने लिया निर्णय

प्रदेश में महापुरुषों के सम्मान और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में गाजियाबाद के जनता पीजी कॉलेज, पतला का नाम बदलकर ‘चौधरी अजीत सिंह जनता पीजी कॉलेज’ किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही महापुरुषों के गौरवशाली योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ की ओर से इस संबंध में विभाग को प्रस्ताव दिया गया था। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। जल्द ही सरकार के स्तर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।

योगदान को किया याद

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह का प्रदेश और देश के सामाजिक, शैक्षिक तथा कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनका नाम युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। महापुरुषों के नाम से शिक्षण संस्थानों का जुड़ाव विद्यार्थियों को उनके विचारों, संघर्ष और योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं रोजगारपरक बनाया है। साथ ही, उनके गौरव और पहचान को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

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