उत्तर प्रदेशराज्‍य

गंगा-यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लिंक रोड का काम होगा तेज, UP सरकार ने दिए 1200 करोड़

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में राज्य की दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं, यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे, को आपस में जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के 16 गांवों से लगभग 740 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए 1204 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है, जिससे भूमि क्रय और प्रारंभिक कार्यों को गति मिलेगी।

9 किलोमीटर हिस्सा होगा एलिवेटेड, सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास होगा कनेक्शन

इस लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। यह मार्ग गंगा एक्सप्रेसवे के बुलंदशहर स्थित सियाना क्षेत्र से 44.3 किलोमीटर बिंदु पर शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर बिंदु, यानी सेक्टर-21 फिल्म सिटी के निकट आकर जुड़ेगा। कुल 74.3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा क्षेत्र में पड़ेगा, जिसमें से करीब 9 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। एलिवेटेड सेक्शन के कारण यातायात सुगम होगा और स्थानीय मार्गों पर दबाव कम पड़ेगा।

16 गांवों की 740 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

परियोजना के अंतर्गत जेवर क्षेत्र के मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रह्मनान, रबूपुरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा सहित कुल 16 गांवों की लगभग 740 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर प्राधिकरण इसे यूपीडा को हस्तांतरित करेगा, जिसके बाद एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। इस परियोजना पर भूमि क्रय सहित करीब 1204 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

56 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे, 4000 करोड़ की कुल लागत

यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों की भूमि से होकर गुजरेगा, जिनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। बुलंदशहर जिले के खुर्जा, सियाना और शिकारपुर तहसील क्षेत्र भी इस परियोजना में सम्मिलित हैं। पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4000 करोड़ रुपये आंकी गई है। शासन स्तर पर भी इस योजना को प्राथमिकता दी जा रही है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

दिल्ली-मुंबई और आगरा मार्ग होगा और अधिक सुगम

गंगा एक्सप्रेसवे के यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा की दिशा में आवागमन और भी आसान होगा। विशेष रूप से कार्गो परिवहन को एयरपोर्ट तक तेज और सुगम पहुंच मिलेगी, जिससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ

लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से आसपास के गांवों के निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर और संपत्ति मूल्यों में वृद्धि जैसे अनेक लाभ मिलेंगे। स्थानीय स्तर पर परिवहन सुविधा बेहतर होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह के अनुसार, भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी कर शासन को विवरण भेज दिया गया है और जल्द ही भूमि क्रय कर निर्माण एजेंसी को सौंप दी जाएगी।

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