ग्रेटर नोएडा में फर्जी आधार से कंस्ट्रक्शन कंपनी चला रहा चीनी नागरिक गिरफ्तार, 6 साल से था अवैध वीजा

नोएडा: ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने जेपी ग्रीन्स सोसायटी से चीन के नागरिक को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले 6 साल से बिना वैध वीजा के भारत में रह रहा था और फर्जी आधार कार्ड के सहारे अपनी पहचान छिपाकर कारोबार कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सांग सिओमाओ निवासी चीन के रूप में हुई है। वह ग्रेटर नोएडा की जेपी ग्रीन्स सोसायटी में रह रहा था। उससे 2020 में समाप्त हो चुका वीजा, मणिपुर के पते पर बना फर्जी आधार और पैन कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और इनके जरिए उसने कौन-कौन से सरकारी और वित्तीय काम कराए।
एक साल के वीजा पर आया था भारत
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक साल के वीजा पर भारत आया था। इसी दौरान उसने मणिपुर की एक युवती से शादी कर ली, जिससे उसकी एक बेटी भी है। बाद में उसने यहां एक फर्म बनाकर निर्माण कार्य शुरू किया और हाल के दिनों में एक्सपो मार्ट से जुड़े प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा था।
बैंक खातों की जांच शुरू
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल, लैपटॉप, कंपनी के दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इसके साथ ही अधिकारी यह भी खंगाल रहे है कि क्या उसका कोई संपर्क उन चीनी नागरिकों से था, जिन्हें पूर्व में एसटीएफ ने हवाला कारोबार और अवैध वित्तीय गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया था। बीटा-2 पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है और चीन के दूतावास को भी सूचना भेज दी गई है।
पहले पकड़ी गई थी म्यामांर की घरेलू सहायिका
थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पिछले हफ्ते बिना वैध वीजा रह रही म्यांमार की घरेलू सहायिका ललाई को गिरफ्तार किया गया था। वह जिस घर में काम करती थी, वहां एक चीनी नागरिक भी रहता था। हाल ही की कार्रवाई के दौरान वह शख्स पुलिस को देखकर भाग निकला था।
कंपनी में काम करते हैं कई भारतीय
जांच में पता चला कि आरोपी का भारतीय वीजा 25 जून 2020 को ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद उसने देश नहीं छोड़ा और न ही वीजा अवधि बढ़ाने के लिए कोई आवेदन किया। बल्कि उसने पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की रहने वाली एक युवती से शादी कर उसके नाम पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी चलानी शुरू कर दी। कंपनी में कई भारतीय कर्मचारी भी काम करते हैं।



