उत्तर प्रदेशराज्‍य

बाढ़ की तबाही के बीच नेपाल में फंसे राकेश टिकैत, भाकियू का प्रतिनिधिमंडल भी है साथ

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी और भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत नेपाल में फंस गए हैं। राकेश टिकैत के साथ किसान नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल नेपाल गया था। भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने नेपाल में तबाही मचा दी है। इस बीच राकेश टिकैत में नेपाल में होने की खबरों के बीच उनको लेकर लोगों में हलचल बढ़ गई थी। राकेश टिकैत और किसान नेताओं से जुड़े लोग उनके बारे में बात कर रहे थे। इस बीच राकेश टिकैत ने एक वीडियो जारी कर अपनी सलामती की जानकारी दी है। साथ ही, नेपाल में खराब स्थिति और मौसम के बिगड़ने की भी बात कही है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वे जहां हैं, सुरक्षित हैं।

राकेश टिकैत ने जारी किया वीडियो

नेपाल में बाढ़ जैसी स्थिति के बीच बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने वीडियो जारी कर जानकारी दी है कि वह पोखरा इलाके में पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल में मौसम काफी खराब है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में तलाशी और बचाव अभियान चल रहा है। लापता लोगों की तलाश में अधिकारियों की टीम लगी हुई है। उन्होंने पोखरा शहर को दिखाते हुए कहा कि यहां पर आपदा का असर नहीं है। आसमान में बादल काफी घने हैं।

गाड़ियों को छोड़ने की बात

राकेश टिकैत ने वीडियो में कहा कि किसानों के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वे तीन दिन पहले नेपाल आए थे। अभी वे पोखरा में हैं और सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यहां मौसम खराब है। हालांकि, इस तरफ बाढ़ का इतना असर नहीं आया है। उन्होंने बताया कि सभी लोग गाड़ियों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर आ गए हैं।

बंद किया गया है हाइवे

राकेश टिकैत ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से अभी चितवन और पोखरा को जोड़ने वाले पृथ्वी हाइवे को बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को वे पोखरा से पहले काठमांडु जाएंगे। इसके बाद 28 अगस्त तक वापस मुजफ्फरनगर वापस आएंगे। उन्होंने कहा कि आपदा में बड़ी संख्या में भारतीयों के भी लापता होने की बात कही जा रही है। किसान संगठन के लोग यहां हैं। हम उन लोगों से अपील करेंगे कि बाहर से आए पर्यटकों की भी मदद की जानी चाहिए।

राकेश टिकैत ने हालचाल जानने के लिए फोन करने वाले लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारी पूरी टीम सुरक्षित है। हम यहां रुके हुए हैं। रास्ते बंद हो गए हैं, इस कारण गाड़ियां छोड़नी पड़ी है। हमें टिकट मिल गया है। फ्लाइट से कल काठमांडु चले जाएंगे। वहां से भारत वापस लौटेंगे।

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