अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति, धीरे-धीरे खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य: रिपोर्ट

तेहरान: भारत समेत पूरी दुनिया के लिए संकट का सबब बने होर्मुज स्‍ट्रेट में जल्‍द ही नाकेबंदी खत्‍म हो सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच कथित तौर पर एक समझौते के लिए सहमति बन गई है। इसके तहत अमेरिका धीरे-धीरे अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्‍म करेगा, वहीं ईरान भी इसके बदले में होर्मुज स्‍ट्रेट को खोलेगा। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को इस समझौते पर सहमति बनी है। अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्‍ट्रेट को बंद कर दिया था। इससे पूरी दुनिया में तेल और गैस के लिए हाहाकार मच गया था। भारत से लेकर दुनिया के अन्‍य देशों में तेल और एलपीजी तथा एलएनजी गैस की भारी कमी हो गई थी।

खाड़ी के प्रमुख अखबार अल अरब‍िया ने सूत्रों के हवाले से कहा, ‘एक समझौते पर सहमति हो गई है जिसके तहत अमेरिकी नाकेबंदी हटने के बाद स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान की ओर से धीरे-धीरे खोला जाएगा। आने वाले घंटों में हम देखेंगे कि होर्मुज स्‍ट्रेट में फंसे सैकड़ों जहाज निकल सकेंगे।’ इससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था कि वह आशान्वित हैं कि ईरान के साथ जल्‍द ही डील हो सकती है। उन्‍होंने कहा कि बातचीत बहुत अच्‍छी रही है और यह लड़ाई जल्‍दी ही खत्‍म हो जाएगी। ट्रंप ने यह बयान ‘प्रोजेक्‍ट फ्रीडम’ को कुछ समय तक के लिए टालने के बाद दिया। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा था कि होर्मुज स्‍ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी पूरी ताकत से जारी रहेगी।

होर्मुज संकट पर सक्रिय हुआ फ्रांस

इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ बातचीत के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सभी पक्षों से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी को बिना किसी देरी और बिना किसी शर्त के हटाने का आह्वान किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘मैंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बात की है। मैंने बढ़ते तनाव पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की और यूएई के नागरिक बुनियादी ढांचे व कई जहाजों पर किए गए अनुचित हमलों की निंदा की।’

मैक्रों ने लिखा, ‘सभी पक्षों को स्ट्रेट से बिना देरी और बिना किसी शर्त के हटा देना चाहिए। हमें स्थायी रूप से उस व्यवस्था को बहाल करना होगा, जिसमें संघर्ष से पहले नौवहन की पूर्ण स्वतंत्रता सुनिश्चित थी। फ्रांस और ब्रिटेन का बनाया बहुराष्ट्रीय मिशन जहाज मालिकों और बीमा कंपनियों के बीच भरोसा वापस लाने में मदद कर सकता है। यह मिशन स्वाभाविक रूप से युद्ध में शामिल पक्षों से अलग होगा। एयरक्राफ्ट कैरियर ‘चार्ल्स डी गॉल’ का आगे तैनात होना इस मामले में फिट बैठता है।’

अमेरिका और ईरान समझौते के बेहद करीब

राष्ट्रपति मैक्रों और ईरानी राष्ट्रपति के बीच यह वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते के करीब पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, संभावित समझौते में ईरान परमाणु संवर्धन पर रोक लगाने के लिए सहमत हो सकता है, जबकि अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर राजी हो सकता है। साथ ही दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट आवाजाही पर लगी पाबंदियां हटाएंगे।

बता दें कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम हुआ था। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद 40 दिनों तक संघर्ष चला था। युद्धविराम के बाद ईरान और अमेरिका ने 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान में शांति वार्ता का एक दौर आयोजित किया, लेकिन इससे कोई समझौता नहीं हो सका। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों ने युद्ध समाप्त करने के लिए कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है, जिनमें नए प्रस्ताव पर फिलहाल ईरान विचार कर रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button