Breaking Newsएनसीआरनोएडा

नोएडा के 50 साल: दुनिया में चमका नाम, शांत बस्ती से आर्थिक पावरहाउस बनने की कहानी

मजदूरों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सुर्खियों में आया नोएडा आज अपने 50 साल पूरे कर रहा है. दिल्ली में बढ़ते दबाव के बाद राजधानी के नजदीक न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Noida) की 50 साल पहले  17 अप्रैल 1976 को इसकी बुनियाद रखी गई थी और आज ये न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के बड़े पावरहाउस में से एक बन चुका है. यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में बड़ा दारोमदार नोएडा पर है.  नोएडा की स्थापना 1976 में विशेष औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर हुई थी और दो दिन बाद वो अपनी गोल्डन जुबली मना रहा होगा. उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 के तहत नोएडा (New Okhla Industrial Development Authority) का खाका खींचा गया. अब बुलंदशहर और दादरी के 80 गांवों को मिलाकर न्यू नोएडा बसाने की तैयारी है.

नोएडा की स्थापना का इतिहास

दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया को बढ़ाते हुए यमुना किनारे इस जमीन को औद्योगिक विकास के लिए चुना गया. तब यहां छोटे गांव और ऊबड़-खाबड़ कृषि भूमि हुआ करती थी.1976 से 1980 के बीच चार सालों में सेक्टर 1 से लेकर सेक्टर 11 तक विकास हुआ, ताकि छोटे उद्योगों के साथ रोजगार के अवसर पैदा किया जा सकें. 1990 में आर्थिक उदारीकरण के बाद नोएडा तेजी से उभरा. यहां सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (STPI) बनाया गया और ये एक आईटी हब बना.

नोएडा का क्षेत्रफल कितना है

नोएडा में नगर निगम चुनाव नहीं होते और पूरा कामकाज नोएडा अथॉरिटी देखती है.नोएडा मूल तौर पर गाजियाबाद और बुलंदशहर का हिस्सा था और 1997 में अलग कर गौतम बुद्ध नगर जिला बनाया गया. नोएडा का क्षेत्रफल लगभग 20 हजार हेक्टेयर में फैला है, जिसमें 80 से अधिक गांव और सैकड़ों सेक्टर शामिल हैं.

नोएडा में रियल एस्टेट बूम

नोएडा में कनेक्टिविटी और रियल एस्टेट की दिशा में बड़ा कदम 21वीं सदी आने के साथ शुरू हुआ. वर्ष 2001 में DND फ्लाईओवर खुलने से दिल्ली से नोएडा की दूरी सिर्फ 10 मिनट हो गई.नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे ने भी आर्थिक तरक्की के नए रास्ते खोले और बड़ी आवासीय परियोजना का आगाज हुआ. 2009 में दिल्ली मेट्रो उद्घाटन से नोएडा दिल्ली की तरह ग्लोबल सिटी बनने की राह में कुलांचे भरने लगी.

न्यू नोएडा का मास्टरप्लान

दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) को न्यू नोएडा नाम दिया गया है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद आबादी के बढ़ते दबाव के बीच न्यू नोएडा बसाया जा रहा है.ये शहर गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले के करीब 80-84 गांवों की जमीन पर बसाया जा रहा है.मास्टर प्लान 2041 के अनुसार, यह लगभग 21,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा. इसमें दादरी और बुलंदशहर शामिल हैं.

नोएडा आईटी हब और इलेक्ट्रॉनिक्स सेंटर

वर्ष 2010 से नोएडा ने भारी उद्योगों और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बड़ा निवेश किया है. पीएम मोदी ने नोएडा के सेक्टर 81 में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया. जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की घोषणा से ये नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा. नोएडा में भारत का सबसे बड़े डेटा सेंटर पार्क और ग्रेटर नोएडा में पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी बन रही है. जापानी सिटी और सिंगापुर सिटी भी बन रही है. नोएडा मोबाइल और इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग का भी बड़ा हब बन चुका है.पिछले एक दशक में मेक इन इंडिया नीति के तहत सैमसंग, वीवो और ओप्पो जैसी कंपनियों ने यहां दुनिया की सबसे बड़ी यूनिट लगाईं.

नोएडा में कहां कितनी इंडस्ट्री?

नोएडा में कारखानों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम (MSME) और भारी उद्योग में बांटा जा सकता है. नोएडा के विभिन्न सेक्टरों जैसे सेक्टर 1 से 11, 57 से 68, 80 से 88 और फेज-2 में लगभग 12 से 15 हजार छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं. यहां सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स (मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग), आईटी और ऑटोमोबाइल पार्ट्स से जुड़ी हैं.नोएडा के सेक्टर-81 में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री है.

नोएडा में कितने मजदूर?

नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में लगभग 10 लाख से 12 लाख कामगार काम करते हैं. अगर सर्विस सेक्टर (IT) और असंगठित क्षेत्र को जोड़ा जाए तो संख्या 15 लाख के पार जाती है. गारमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में महिला कामगारों की हिस्सेदारी करीब 30 से 40% है.

यूपी की कमाई में 25 फीसदी हिस्सा

यूपी बजट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की कुल राजस्व यानी कमाई और निवेश का करीब 25 फीसदी हिस्सा यहां से आता है.भारत से होने वाले कुल मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का करीब 40 फीसदी का योगदान उसका है. नोएडा की प्रति व्यक्ति आय औसतन 84 हजार रुपये के आसपास है. जबकि महीने के हिसाब से उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 8 से 9 हजार रुपये के बीच है.

यूपी की जीडीपी में नोएडा का योगदान

इन्वेस्ट यूपी और निवेश मित्र पोर्टल के अनुसार, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने की दिशा में नोएडा धुरी की भूमिका निभा रहा है. उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, अकेले गौतम बुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) जिला यूपी की जीडीपी में 10 से 11% का योगदान देता है.नोएडा की प्रति व्यक्ति आय यूपी के औसत से कई गुना अधिक है. यह जिला राज्य में इस सूची में सबसे ऊपर रहता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button