निक्की हत्याकांड में दोनों पक्षों में सुलह, बच्चों के नाम होगी प्रॉपर्टी; 9 महीने बाद कैसे सुलझा ये मामला?

ग्रेटर नोएडा के निक्की भाटी मौत के मामले में अब शांति भरा मोड़ आया है. दहेज के लिए हत्या, गंभीर आरोप और गिरफ्तारी के करीब 9 महीने बाद दोनों परिवारों के बीच पंचायत की मध्यस्थता से समझौता हो गया है, जिसके तहत निक्की भाटी की बहन कंचन अपने ससुराल वापस लौटेगी और निक्की के बच्चों के नाम संपत्ति हस्तांतरित की जाएगी. पंचायत के जरिए हुई कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने बच्चों के भविष्य और पारिवारिक हितों को ध्यान में रखते हुए ये बड़ा फैसला लिया है. सहमति के बाद निक्की का परिवार अब अपना केस भी वापस लेगा. आइए, अब विस्तार से जानते हैं क्या है सिरसा गांव का यह मामला जो लंबे वक्त तक सुर्खियों में रहा था?
सबसे पहले इस पूरे घटनाक्रम को जानिए?
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के रूपवास गांव में रहने वाले भिखारी सिंह की दो बेटियों निक्की और कंचन की शादी साल 2016 में सिरसा गांव के सतवीर भाटी के दो बेटों से हुई थी. निक्की विपिन और कंचन रोहित के शादी के बंधन में बंधी थी. पिता भिखारी सिंह ने बेटियों की शादी में जमकर खर्च किया था, उन्होंने सोने-चांदी के गहने, स्कॉर्पियो कार और बुलेट मोटरसाइकिल समेत अन्य दान-दहेज देकर दोनों बेटियों को हंसी-खुशी विदा किया था.
21 अगस्त 2025 को विपिन की पत्नी निक्की भाटी की जलने से मौत हो गई. आग की लपटों के बीच घिरी निक्की का वीडियो सामने आया तो उसे देखकर हर कोई दहल गया. मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया, जिससे यह मामला सुर्खियों में छा गया था. घटना के बाद निक्की की बहन कंचन भी अपने मायके वापस लौट गई.
मुठभेड़ के बाद पति विपिन की हुई थी गिरफ्तारी
मायके पक्ष के आरोप पर पुलिस ने केस दर्ज किया और पति विपिन भाटी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. इसके अलावा ससुर सतवीर भाटी, जेठ रोहित भाटी और निक्की की सास को भी गिरफ्तार किया गया. आइए, अब केस के करीब 9 महीने बाद घटे ताजा घटनाक्रम पर लौटते हैं.
कई दौर की वार्ता के बाद कैसे बनी सहमति?
इस चर्चित केस के बाद दोनों परिवार बुरी तरह बिखर गए थे. निक्की के बच्चे बिना मां के रह गए थे. दहेज हत्या के आरोप, ससुराल पक्ष की गिरफ्तार और फिर मामला कोर्ट में जाने के बाद इस विवाद को पंचायत के जरिए सुलझाने का प्रयास शुरू किए. मामले में आरोपी सतवीर भाटी और पीड़ित पक्ष भिखारी सिंह के बीच पंचायत के जरिए कई दौर की वार्ता हुई. जिसमें तय हुआ कि निक्की की बहन कंचन भाटी अपने ससुराल वापस लौटेगी. भाटी परिवार की ओर से निक्की के बच्चों के नाम संपत्ति हस्तांतरित की जाएगी. दोनों परिवारों ने यह फैसला दोनों परिवारों हितों और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया.
पंचायत के जरिए हुए फैसले पर क्या बोले निक्की के पिता?
निक्की के पिता भिखारी सिंह ने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखकर पंचायत ने यह फैसला लिया है कि निक्की के बच्चों के नाम संपत्ति की जाएगी. साथ ही, भाटी परिवार आर्थिक सहयोग भी देगा. दूसरी बेटी कंचन अपने ससुराल जाएगी अपने पति और बच्चों के साथ हंसी खुशी रहेगी.
इस फैसले के बाद आगे क्या?
पंचायत में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते की शर्तें पूरी होने के बाद निक्की के पिता भिखारी सिंह की ओर से कोर्ट में एक शपथ पत्र (एफिडेविट) दाखिल किया जाए. जिसमें वे केस वापस लेने की मांग करेंगे. कोर्ट की ओर से सहमति मिलने के बाद यह केस खत्म हो जाएगा.



