योगी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज, नई टीम को लेकर दिल्ली में देर रात तक मंथन

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में आगामी विस्तार और भाजपा संगठन में आमूल-चूल परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लखनऊ में रणनीतिक बैठकों के दौर के बाद अब निर्णय की कमान दिल्ली के हाथों में है। इसी सिलसिले में गुरुवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
शीर्ष नेतृत्व की मैराथन बैठक और रिपोर्ट कार्ड पर चर्चा
दिल्ली में देर रात तक चली इस मैराथन बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज और मंत्रियों के ‘रिपोर्ट कार्ड’ का बारीकी से विश्लेषण किया गया। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में केंद्रीय दूत विनोद तावड़े ने लखनऊ का दौरा कर जमीनी फीडबैक लिया था। तावड़े ने मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ बंद कमरे में जो मंत्रणा की थी, उसी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर अब भविष्य की टीम का चयन किया जा रहा है।
2027 का विजय संकल्प: सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति
भारतीय जनता पार्टी का मुख्य लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने सामाजिक आधार को और अधिक मजबूत करना है। सूत्रों की मानें तो पार्टी उन वर्गों को फिर से जोड़ने की कोशिश में है, जहाँ थोड़ा बहुत बिखराव महसूस किया गया है। विशेष रूप से कुर्मी, पासी, शाक्य और मौर्य समाज के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल और संगठन में महत्वपूर्ण स्थान देकर एक संतुलित संदेश देने की तैयारी है। इसके साथ ही ब्राह्मणों और अन्य सवर्ण समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
6 नए चेहरों की एंट्री और खराब प्रदर्शन पर गाज
उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद में वर्तमान में 6 रिक्तियां हैं, जिन्हें भरने की तैयारी अंतिम चरण में है। चर्चा है कि इस विस्तार में न केवल नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका मिलेगा, बल्कि प्रदर्शन की कसौटी पर खरे न उतरने वाले कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी की जा सकती है। ऐसे मंत्रियों को संगठन के कार्यों में लगाया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न निगमों और आयोगों में भी कार्यकर्ताओं के समायोजन की सूची लगभग तैयार है।
अगले 15 दिन निर्णायक
दिल्ली की इस निर्णायक बैठक के बाद संकेत मिल रहे हैं कि अगले दो सप्ताह के भीतर योगी सरकार का स्वरूप बदल सकता है। पार्टी का लक्ष्य ‘हैट्रिक’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए एक ऐसी प्रभावी टीम तैयार करना है, जो जातीय संतुलन के साथ-साथ विकास के एजेंडे को भी धरातल पर मजबूती से उतार सके।


