अब बाहर से खाना मंगाना हुआ और महंगा, Swiggy ने चुपके से बढ़ा दी प्लेटफॉर्म फीस

नई दिल्ली। अब ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना थोड़ा महंगा पड़ सकता है। Zomato के प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने के कुछ ही दिनों बाद, Swiggy ने भी ऐसा ही कदम उठाया है, जिससे ग्राहकों को हर ऑर्डर पर देनी वाली फीस बढ़ गई है। Swiggy ने अपनी प्लेटफॉर्म फस बढ़ाकर 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर (GST सहित) कर दी है, जो पहले 14.99 रुपये थी। यह लगभग 17% की बढ़ोतरी है। इस खबर के बीच स्विगी का शेयर 2.90 फीसदी उछलकर 280.40 रुपये पर पहुंच गया है।
क्यों बढ़ाई स्विगी ने फीस?
स्विगी ने यूजर्स को बताया है कि इस बढ़ी हुई फीस से उसे Swiggy प्लेटफॉर्म को चलाने और उसका मैंटेनेंस करने में मदद मिलेगी। कंपनी की तरफ से जारी किया गया है ये मैसेज अब ऐप पर चेकआउट के दौरान दिखाई दे रहा है।
जोमैटो ने कितनी बढ़ाई फीस?
स्विगी की तरफ से किया गया बदलाव Zomato द्वारा अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने के कुछ ही समय बाद किया गया है। कंपनी ने प्रति ऑर्डर शुल्क में 2.40 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिससे GST से पहले की फीस 12.50 रुपये से बढ़कर 14.90 रुपये हो गई है। अब दोनों प्लेटफॉर्म की फीस एक समान है।
टैक्स जोड़ने के बाद, Swiggy और Zomato दोनों अब लगभग एक जैसा ही शुल्क लेते हुए दिख रहे हैं। यह उस लंबे समय से चले आ रहे चलन को जारी रखता है, जिसमें ये दोनों प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे की फीस तय करने की रणनीतियों की नकल करते हैं। यानी एक प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाता है तो दूसरा भी बढ़ाता है।
क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस?
प्लेटफॉर्म फीस किसी कंपनी का प्लेटफॉर्म यूज किया जाने वाला चार्ज होता है। प्लेटफॉर्म फीस, फूड डिलीवरी बिल का एक छोटा लेकिन बढ़ा हुआ हिस्सा है। हालाँकि, अलग-अलग तौर पर ये फीस मामूली लग सकती हैं, लेकिन बार-बार इस्तेमाल करने वालों को समय के साथ काफी ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं।
कंपनियाँ अक्सर इन शुल्कों को टेक्नोलॉजी की लागत, ऐप के रखरखाव और कुल मिलाकर कामकाज के खर्चों को पूरा करने के लिए जरूरी बताकर सही ठहराती हैं।


