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ग्रेनो: UPSC परीक्षा में दादरी के सादोपुर की बेटी मुस्कान का जलवा, मिली 771वीं रैंक; परिवार और गांव को गर्व

ग्रेटर नोएडा. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 की परीक्षा के नतीजे आ गए हैं. ग्रेटर नोएडा स्थित दादरी क्षेत्र के सादोपुर गांव की बेटी मुस्कान वर्मा ने ऑल इंडिया 771वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी और गर्व का माहौल है. मुस्कान अनिल वर्मा और मालती वर्मा की बेटी हैं. साधारण परिवार से आने वाली मुस्कान ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर यह बड़ी सफलता हासिल की है. मुस्कान ने लोकल 18 से बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, कैलाश हिल्स से हुई. पढ़ाई में शुरू से ही रुचि रखने वाली मुस्कान ने स्कूल के समय से ही अपने लक्ष्य को लेकर गंभीरता दिखाई. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के गर्गी कॉलेज में दाखिला लिया और वहां से बीएससी (ऑनर्स) फिजिक्स की पढ़ाई पूरी की. स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी.
UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए मुस्कान ने पूरी योजना और अनुशासन के साथ पढ़ाई की. मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA), जामिया मिलिया इस्लामिया से मार्गदर्शन लिया. उनका ऑप्शनल विषय एंथ्रोपोलॉजी (Anthropology) था. मुस्कान बताती हैं कि उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान विषयों को रटने के बजाय उन्हें गहराई से समझने पर ज्यादा ध्यान दिया. मुस्कान कहती हैं कि UPSC की तैयारी में सबसे महत्त्वपूर्ण चीज कंसेप्ट की स्पष्ट समझ और लगातार रिवीजन है. वे सामान्य दिनों में करीब 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करती थीं, जबकि परीक्षा के नजदीक आने पर उनका अध्ययन समय बढ़कर 12 घंटे तक हो जाता था. उनका मानना है कि कठिन परिश्रम के साथ-साथ सही रणनीति और धैर्य भी इस परीक्षा में सफलता के लिए बेहद जरूरी है.
पहले भी यहां की बेटियों ने लहराया परचम
मुस्कान ने UPSC की परीक्षा में तीन प्रयास किए. पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. तीसरे प्रयास में उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास की और शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 771वीं रैंक हासिल की. मुस्कान अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं. उनका कहना है कि परिवार ने हर समय उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. कठिन समय में भी परिवार का विश्वास और समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना रहा. सादोपुर गांव के लोगों का कहना है कि गांव की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं. इससे पहले भी गांव की पांच बेटियां सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं और अब मुस्कान की इस सफलता ने गांव का मान और भी बढ़ा दिया है.



