
गौड़ यमुना सिटी में बुधवार सुबह गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्र मेरठ निवासी कार्तिक शर्मा (20) ने संदिग्ध परिस्थितियों में बहुमंजिला इमारत की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। गंभीर रूप से घायल कार्तिक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, कार्तिक मेरठ के दौराला का रहने वाला था। वह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र था और यूनिवर्सिटी से करीब आठ किलोमीटर दूर गौड़ यमुना सिटी में किराये के कमरे में अकेला रहकर पढ़ाई कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे कार्तिक अपने विला से निकला और सोसाइटी की एक ऊंची इमारत की पांचवीं मंजिल पर पहुंच गया। इसके बाद उसने वहां से छलांग लगा दी।
जमीन पर गिरने से कार्तिक के सिर में गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रबूपुरा थाना पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। थाना प्रभारी श्याम शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
घटना के बाद पुलिस ने छात्र के कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट या ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे आत्महत्या की वजह स्पष्ट हो सके। प्रारंभिक जांच में पुलिस मानसिक तनाव या किसी व्यक्तिगत परेशानी की आशंका जता रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों पर कुछ कहा जा सकेगा।
मां के वापस जाने के कुछ देर बाद उठाया कदम
पुलिस के अनुसार, कार्तिक की मां गुड़िया शर्मा होमगार्ड हैं। वह मेरठ में ही तैनात हैं। मंगलवार को वह कार्तिक से मिलने गौड़ यमुना सिटी आई थीं। बुधवार सुबह ही वह मेरठ के लिए निकली थीं। पुलिस के अनुसार, मां के वापस जाने के कुछ ही देर बाद कार्तिक अपने कमरे से निकला और इमारत से छलांग लगा दी। सूचना मिलने पर मां रास्ते से ही वापस आ गईं। कार्तिक अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था।
मोबाइल, कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों पर नजर
कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट या अन्य संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। ऐसे में जांच का फोकस छात्र के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और डिजिटल गतिविधियों पर है। पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसकी कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा उसके सहपाठियों, मित्रों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह हाल के दिनों में किसी तनाव या विवाद से गुजर रहा था या नहीं।



