
नोएडा: नोएडा के सेक्टर-100 और 110 में स्थित लोटस बुलेवर्ड और लोटस पनाश के बायर्स वेलफेयर असोसिएशन ने पिछले डेढ़ साल से अथॉरिटी से चल रही लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में जीत ली है। अब वह फिर से अपना प्रॉजेक्ट पूरा करने के लिए निर्माण शुरू करा सकेंगे और अथॉरिटी की ओर से सील टावर फिर से खोले जाएंगे।
लोटस पनाश वेलफेयर असोसिएशन शहर में एक मात्र ऐसी असोसिएशन है, जिसके होम बायर्स ने पूल एंड बिल्ड स्कीम के तहत अपने अधूरे प्रॉजेक्ट खुद से पूरे करने का फैसला लिया था। 10 जनवरी 2019 को जब बिल्डर ने दिवालिया प्रक्रिया में जाने का फैसला लिया था, तब बायर्स के ग्रुप ने यह फैसला किया कि बायर्स का जो बकाया है उसका कलेक्शन हम खुद अपने प्रॉजेक्ट से पूरा करेंगे।
2700 बायर्स को डिलिवर किया फ्लैट
इसके तहत 2019 से 2024 तक इन बायर्स ने 250 करोड़ का कलेक्शन करके 2700 फ्लैट बायर्स को बनाकर डिलिवर कर दिए। केवल तीन टावर में 350 फ्लैट कंप्लीट होने से बचे थे। इसी बीच नोएडा अथॉरिटी ने अपना बकाया लेने के लिए इन अधूरे तीनों टावर को सील कर दिया।
खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
बायर्स वेलफेयर असोसिएशन के अध्यक्ष अमित चौहान ने बताया कि सील होने के बाद डेढ़ साल पहले हम लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए और सुप्रीम कोर्ट को हमने बताया कि बायर्स खुद से कलेक्शन करके प्रॉजेक्ट को पूरा कर रहे है। अथॉरिटी ने मैप वैलिडेशन और टाइम एक्सटेंशन के चार्ज के नाम पर हम पर 350 करोड़ की देनदारी निकाल दी।



