“सुसाइड नोट या हत्या, नोएडा में जांच जारी”

नोएडा: उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-107 में शनिवार दोपहर एक कार के अंदर युवक और युवती के शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों के सिर में गोली लगी थी। युवक के हाथ में पिस्टल मिली और कार अंदर से लॉक बताई जा रही है। मामले में एक सुसाइड नोट भी सामने आया है जिसमें युवक ने आत्महत्या के लिए युवती को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि युवक के परिजनों ने इस नोट को फर्जी बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। मृतक युवक सुमित दिल्ली के त्रिलोकपुरी का निवासी था, जबकि युवती रेखा नोएडा की रहने वाली थी और सेक्टर-62 स्थित एक आईटी कंपनी में कार्यरत थी।
विदेशी नंबर से धमकी का आरोप
सुमित के परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को जब युवती घर नहीं पहुंची तो उसके किसी रिश्तेदार ने विदेश के नंबर से सुमित की भाभी को कॉल कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। परिवार का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्कूल समय से पहचान
परिजनों के अनुसार, सुमित और रेखा एक-दूसरे को स्कूल समय से जानते थे। सुमित जिला स्तर का क्रिकेटर रह चुका था लेकिन एक दुर्घटना में हाथ टूटने के बाद उसने खेल छोड़ दिया। बाद में उसने दिल्ली में वॉटर प्लांट का व्यवसाय शुरू किया। बताया जा रहा है कि वह पिछले चार-पांच वर्षों से रोजाना युवती को सेक्टर-62 स्थित ऑफिस से घर छोड़ता था।
युवती के भाई का दावा
युवती के भाई का कहना है कि शुक्रवार को रेखा समय पर घर नहीं पहुंची। उसका मोबाइल ऑन था, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रही थी। अनहोनी की आशंका में परिवार पुलिस चौकी पहुंचा। अगले दिन दोपहर को दोनों के शव कार में मिले। भाई का आरोप है कि पहले भी सुमित द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की गई थी। तब सुमित ने लिखित में माफी मांगते हुए भविष्य में कोई संबंध न रखने का आश्वासन दिया था।
घर से आधा किलोमीटर दूर मिली कार
परिजनों का कहना है कि जहां कार मिली, वह युवती के घर से आधा किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। कार सुमित के नाम पर थी। परिवार ने दो जातियों के विवाद का भी आरोप लगाया है और इसे हत्या की साजिश बताया है।
50 से अधिक CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
एसीपी प्रवीण सिंह के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवती ऑफिस से कब निकली और युवक उससे कहां मिला। अब तक 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



