भारत ने मालदीव के साथ किए 13 समझौते, नौका सेवाओं और समुद्री संपर्क का होगा विस्तार

माले: भारत और मालदीव ने अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करते हुए 13 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य मालदीव में नौका सेवाओं को बेहतर बनाना, समुद्री संपर्क का विस्तार करना और सामुदायिक आजीविका को बढ़ावा देना है. इन परियोजनाओं के लिए भारत सरकार 10 करोड़ मालदीव रुपये (लगभग 55 करोड़ भारतीय रुपये) का अनुदान प्रदान करेगी.
रविवार को विदेश मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में इन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए. यह समारोह भारत और मालदीव के बीच लगातार प्रगाढ़ होते संबंधों का प्रतीक है. ये सभी परियोजनाएं भारतीय अनुदान सहायता योजना – उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना (एचआईसीडीपी) चरण-3 के तहत कार्यान्वित की जाएंगी.
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि यह चरण दोनों देशों के बीच मजबूत होती साझेदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस चरण के तहत शुरू की गई 13 परियोजनाओं का कुल अनुदान 10 करोड़ मालदीव रुपये है, जो मालदीव के विकास में भारत के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है.
मालदीव में भारत के उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, “भारत और मालदीव ने 18 मई को एचआईसीडीपी 3 के तहत 10 करोड़ मालदीव रुपये के अनुदान के साथ मालदीव में नौका सेवाओं को बढ़ाने के लिए 13 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए. भारत, मालदीव के लोगों के लिए समुद्री संपर्क बढ़ाने के लिए मालदीव सरकार के साथ साझेदारी करके खुश है.” यह बयान मालदीव के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
मालदीव सरकार की ओर से विदेश मंत्री अब्दुल्ला खलील और मालदीव में भारत के उच्चायुक्त जी बालासुब्रमण्यम ने इन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.


