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ग्रेटर नोएडा में फायरकर्मी ने अपनी बैरक में फंदा लगाकर आत्महत्या की, नॉलेज पार्क फायर स्टेशन में मचा हड़कंप

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में 35 साल के शख्स ने आत्महत्या कर ली है. ये शख्स फायर डिपार्टमेंट में फायरमैन के तौर पर काम करता था. शख्स ने ड्यूटी से लौटने के बाद डीसीपी ऑफिस के ऊपर बने फायर विभाग के कार्यालय में बने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सुबह जब एक फायर कर्मी ने उसे ड्यूटी पर आने के लिए करीब 5:30 बजे फोन किया, तो उसने फोन नहीं उठाया. इसके बाद फायरकर्मी कमरे में पहुंचा, जहां कमरा अंदर से बंद था. दरवाजा खटखटाने के बाद जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो दरवाजा तोड़कर देखा गया. अंदर फायरकर्मी पंखे से लटका हुआ मिला.

इसके बाद घटना की जानकारी फायर विभाग के अधिकारियों को दी गई. मौके पर पुलिस भी पहुंची और मृतक को फंदे से उतारकर शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

बैरक में मिला शव, कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान संदीप कुमार (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बागपत जिले का रहने वाला था. वर्ष 2016 में वह फायर विभाग में कांस्टेबल के पद पर तैनात हुआ था और हाल ही में ग्रेटर नोएडा में फायर कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था. उसके साथी कर्मियों ने बताया कि वह पढ़ाई में काफी अच्छा था और यूपीएससी की तैयारी भी कर रहा था. उसका किसी से कोई विवाद नहीं था, इसलिए अचानक आत्महत्या किए जाने की घटना पर किसी को यकीन नहीं हो रहा है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बैरक से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.

परिजनों को दी गई सूचना

थाना प्रभारी नॉलेज पार्क सर्वेश कुमार ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे मौके पर पहुंच रहे हैं. साथ ही, बैरक में साथ रहने वाले अन्य कर्मियों से भी पूछताछ की गई है.

अन्य कर्मियों का कहना है कि संदीप अलग कमरे में रहता था और रात में ड्यूटी से वापस लौटा था. उनका किसी से कोई विवाद नहीं था. पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों को लेकर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है, जिनमें ड्यूटी के दौरान मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव या कोई अन्य कारण शामिल हो सकता है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा.

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