उत्तर प्रदेशराज्‍य

FIR में की प्रोटोकॉल की अनदेखी, मंत्री के आगे माननीय नहीं लिखने पर कोर्ट ने मांगा जवाब

FIR में केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे मिस्टर या माननीय नहीं लगाने को लेकर अदालत में पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा है कि अगर शिकायतर्ता न भी कहे, तो भी पुलिस को टाइटल लिखना जरूरी है। हालांकि, इस मामले में केंद्रीय मंत्री आरोपी नहीं हैं, लेकिन पुलिस में दी गई शिकायत में उनका नाम शामिल है।

बार एंड बेंच के अनुसार, केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे Mr या Honorable नहीं लिखने को लेकर अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा है। एक याचिका पर सुनवाई कर रही जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने राज्य के गृह सचिव को इस मामले में जवाब देने के लिए कहा है। याचिका में धमकाने और भरोसा तोड़ने के मामले में दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की गई थी।

क्या बोले जज

कोर्ट ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह), लखनऊ अपने हलफनामे में यह समझाएंगे कि एफआईआर (FIR) में माननीय केंद्रीय मंत्री, जिनका नाम वहां दर्ज है, उनके नाम के साथ ‘माननीय’ जैसे सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया है। यहां तक कि एक जगह तो उनका नाम बिना ‘मिस्टर’ लगाए ही लिख दिया गया है।’

कोर्ट ने आगे कहा, ‘भले ही लिखित रिपोर्ट में शिकायतकर्ता ने माननीय मंत्री का नाम ठीक से न लिखा हो, लेकिन एफआईआर दर्ज करते समय यह पुलिस की जिम्मेदारी थी कि वे प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सम्मानजनक शब्द जोड़ते, भले ही वे शब्द ब्रैकेट में लिखे जाते।’

क्या है आरोप

इस मामले में मंत्री आरोप नहीं है, लेकिन एफआईआर में नाम का जिक्र है। शिकायतकर्ता के आरोप हैं कि नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने 80 लाख रुपये ले लिए थे। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि इसके बाद पैसा नहीं लौटाया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। FIR रद्द करने की याचिका पर 6 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी।

हनीट्रैप मामलों पर हाई कोर्ट ने दिए पुलिस को निर्देश

हाई कोर्ट ने हनीट्रैप में शामिल गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा, ‘यदि इस तरह का गिरोह या कोई अन्य गिरोह भी काम कर रहा है और महिलाओं के जरिए हनीट्रैप में फंसाकर निर्दोष लोगों को ब्लैकमेल कर रहा तो पुलिस महानिरीक्षक कड़ी निगरानी बनाए रखने को सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को अलर्ट करें। यदि इस तरह के अपराध जारी रहते हैं तो एक सभ्य दुनिया में रहना मुश्किल हो जाएगा।’

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बिजनौर में एक होटल में एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसे आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल किया था। उस महिला ने कुछ वीडियो क्लिप रिकॉर्ड किए गए थे। आरोपियों ने इस मामले को निपटाने के लिए 8-10 लाख रुपये की मांग की थी।

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