
चमोली। सीमांत जनपद चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अतिवृष्टि के बाद बड़ी मात्रा में मलबा नीचे की ओर आने से तमक नाला अचानक उफान पर आ गया, जिसकी चपेट में आने से नीती घाटी को जोड़ने वाला एक पुल बह गया और एक ऑपरेटर लापता हो गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटने जैसी स्थिति बनने के बाद भारी मात्रा में पानी और मलबा तमक नाले में आ गया। देखते ही देखते नाले का जलस्तर बढ़ गया और जलसैलाब अपने साथ पुल को भी बहाकर ले गया। जलसैलाब और मलबे के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
अचानक आए मलबे के सैलाब ने नीति घाटी में काश्तकारों के सेब के बगीचों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर खेतों और बगीचों में मलबा जमा होने की सूचना है। वर्षों की मेहनत से तैयार की गई सेब की फसल को नुकसान पहुंचने से काश्तकारों को बड़ा आर्थिक झटका लगने की आशंका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार मलबा नीचे की ओर आया, जिससे प्राकृतिक जलधाराओं का बहाव भी प्रभावित हुआ। पुल के बहने से आवागमन पर भी असर पड़ने की संभावना है।
घटना की सूचना के बाद स्थानीय लोग प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराने और नुकसान का आकलन करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, क्षतिग्रस्त पुल और प्रभावित रास्तों को जल्द दुरुस्त करने की मांग उठ रही है।
नीति घाटी जैसे सीमांत और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के बीच लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
बताया जाता है कि नीती घाटी जाने वाले तमक नाले में अचानक जलसैलाब आ गया और तेज बहाव में वैली ब्रिज बह गया।इतना ही नही तेज बहाव में एक पिकअप गाड़ी बहने व बीआरओ का एक ऑपरेटर लापता बताते है।



